
भोपाल। प्रख्यात कथावाचक श्री देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने मंगलवार को बावड़िया कला के रुद्राक्ष किंगस्टन परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कहा कि हिंदू दिखो मत, हिंदू बनो। सनातनी दिखो मत, सनातनी बनो। दुख की बात यही है कि लोग सनातनी दिखना तो चाह रहे पर बन नहीं रहे। सनातनी बनने के लिए बहुत त्याग और तप करना पड़ता है।
महाराज जी ने बच्चों व युवाओं को संदेश दिया कि माता-पिता का अपमान कभी मत करो। तमाम युवा पूजा करने मंदिर तो जाते हैं पर माता-पिता का सम्मान नहीं करते। जो बड़ों का सम्मान नहीं करते उन्हें जो प्राप्त होना होता है, वह भी छिन जाता है। शालिग्राम डेवलपर्स रुद्राक्ष किंग्सटन के सहयोग से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन महाराज जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मनोहारी वर्णन किया।
भगवान जन्म के प्रसंग के दौरान महाराज जी की गाए भजनों 'नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... ' सांवरे सबसे बड़ो तेरो नाम रे...' पर श्रोता भावविभोर होकर भक्ति में झूमते रहे। श्री कृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर लोग आनंदित हो उठे। वासुदेव जी, नंद बाबा और यशोदा मैया की भी जीवंत झांकी के दर्शन किए। यजमान देवेंद्र चौकसे और संगीता चौकसे नंद बाबा और यशोदा मैया के स्वरूप में दिखे। प्रभु के जन्म के खुशी में उपहार लुटाए।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने की भागवत आरती की
श्रीमद् भागवत कथा सुनने हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने कथा के आयोजक और यजमान शालिग्राम डेवलपर्स के सीएमडी देवेंद्र चौकसे और उनके परिवार के भागवत की आरती की।
भक्ति छोड़ जादू, टोना, टोटका की तरफ बढ़ रहे लोग
प्रहलाद चरित्र के वर्णन के दौरान महाराज जी ने कहा कि भगवान से मांगना है तो भक्ति मांगे। भक्ति छोड़ आजकल लोग जादू, टोना, टोटका की तरह पढ़ रहे हैं। जबकि इनका प्रभाव दो-चार दिन से अधिक नहीं होता। इसलिए सच्चे भक्त बनाकर अपने परमात्मा में निष्ठा रखें और भक्ति मार्ग पर चलें।
प्रशंसा वह है जो कोई और करे
देवकी नंदन ठाकुर महाराज जी ने कहा कि अपने मुंह से कभी अपनी प्रशंसा ना करें। प्रशंसा वह है जो कोई और करे। हमें ऐसा कर्म करना चाहिए, जिससे दूसरे प्रशंसा करें। आपका कर्म ही आपको सम्माननीय और आदरणीय बनाता है। सचिन तेंदुलकर कभी खुद अपनी तारीफ नहीं करते थे, उनके बल्ले से निकलने वाले शतक उन्हें प्रशंसा का पात्र बनाते थे।
ठाकुर जी प्रेम का जवाब प्रेम से देते हैं
महाराज जी ने युवाओं से निवेदन किया कि वह किसी के प्रेम में ना पड़ें। यदि प्रेम करना है, तो ठाकुर जी से करें। ठाकुर जी प्रेम का जवाब प्रेम से देते हैं। प्रसंग में यह भजन सुनाया- 'सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गई अखियां'। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अपने बच्चों को खुला ना छोड़े उन्हें सनातनी बनाएं।
भव्य सजा पंडाल, बिखरी पीत छटा
श्री कृष्णा श्री राम जन्मोत्सव के अवसर पर पूरे कथा पंडाल में रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से भव्य सजावट की गई। हर और पीत छटा बिखरी हुई थी। भगवान श्री कृष्ण और श्री राम जन्मोत्सव की कथा के अवसर पर श्रोतागण पीला वस्त्र पहनकर पहुंचे थे।
बड़े-बड़े घरानों दहेज का चक्कर चल रहा
महाराज जी ने कहा कि अपने घर में गुण और स्वभाव देखकर कन्या लाएं। आजकल लोग नौकरी वाली कन्या विवाह के लिए ढूंढते हैं। जिससे वह जीवन भर कमाई करके खिलाए। यह भाव लोग अपनी बहन और बेटी के प्रति नहीं रखते। पिता जो अपने मन से दे वह कन्यादान है, जो मांग कर लिया जाए वह दहेज है। आजकल बड़े-बड़े घरानों दहेज का चक्कर चल रहा है।
धर्माचार्य ने ये सीख भी दी...
रसोई में कभी रात में झूठे बर्तन ना छोड़े, इससे दरिद्रता आती है। बिना नहाए गृहस्थ को रसोई में नहीं जाना चाहिए। इससे लक्ष्मी रुष्ट होती हैं। भोजन करते समय कभी बात ना करें। हंसते समय बोलने से बचें। सुबह सोकर उठें तो बिस्तर को व्यवस्थित कर दें। तुलसी और तिलक को प्रत्येक सनातनी को धारण करना चाहिए। कभी भी अपने बड़ों का अपमान ना करें।
कथा में कल
देवकी नंदन ठाकुर महाराज 17 जून को सुबह 9:00 बजे गुरु दीक्षा देंगे। कथा में अपराह्न 03:30 बजे से श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग के प्रसंग सुनाएंगे। छप्पन भोग के भी दर्शन होंगे। आयोजक देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।
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