
भोपाल। मेरा मानना है कि किसी भी फील्ड में पहचान बनाने के लिए आपको वक्त देना पड़ता है। आपको अपने पैशन के साथ वक्त गुजारने की जरूरत होती है। जब आप उसमें कई साल गुजारते हैं, तब जाकर वह धीरे-धीरे असर दिखाना शुरू करता है। अपने शुरुआती दिनों को मैं संघर्ष तो नहीं कहूंगा क्योंकि संघर्ष का मतलब परेशानी होता है पर शुरुआत हमेशा धीरे-धीरे ही होती है क्योंकि यह तो एक प्रक्रिया है इसलिए मैं कभी भी परेशान नहीं रहा। जब मेरे पास काम नहीं था, तब मैं गाने सोचता था, धुन बनाता था घर पर बैठकर गानों पर काम करता था क्योंकि मेरा मानना है कि अगर आप कोई काम कर रहे हो तो उसकी पूरी तैयारी करनी चाहिए फिर आप व्यस्त हो जाते हो तो तैयारी का समय बहुत कम मिलता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता,यह समय के साथ ही मिलती है।यह कहना है ‛साड्डा हक’ ‛ये दूरियां’ ‛मसककली’ ‛तुमसे ही दिन होता है’ ‛डूबा डूबा’ जैसे सुपरहिट गीतों को अपनी आवाज से सजाने वाले जाने माने सिंगर मोहित चौहान का। वह भोपाल में आयोजित एम्स के वार्षिकोत्सव रेटिना 8.0 में शिरकत करने भोपाल पहुंचे थे। इस दौरान न्यूज वर्ल्ड से खास बातचीत में उन्होंने अपना संगीतमय सफर साझा किया।
4 दिन पानी के अंदर शूट किया ‛डूबा डूबा’ सॉन्ग
मेरा गाना डूबा डूबा 1998 में रिलीज हुआ था तब में धर्मशाला में यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई कर रहा था जब मैं यह गाना गया तुम बिल्कुल पता नहीं था कि इसका वीडियो किस तरह बनेगा और उसमें क्या दिखाया जाएगा दरअसल इस अंडरवाटर शूट करने का आईडिया कॉन्सेप्ट सब वीडियो डायरेक्ट का था वह कौन से पर ड्राइंग बोर्ड बनाकर लाए थे और हर फ्रेम को उन्होंने पेंट कर रखा था उन्होंने हमें बताया कि मैं इस गाने को इस तरह शूट करना चाहता हूं पानी के अंदर स्टेबलाइजर करना लिफ्टिंग करना बहुत मुश्किल काम था लेकिन उसमें हमें बहुत मजा आया था करीब 4 दिन तक पानी के अंदर शूटिंग चली वह दिन मुझे हमेशा याद रहेंगे क्योंकि यही गाना मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ उससे मुझे एक पहचान मिली और बॉलीवुड में गाने का मौका मिला।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

