
भोपाल। मध्यप्रदेश में ठंड के साथ कोहरे की मार का असर दिखाई देने लगा है।कोहरे के चलते कई शहरों में विजिबिलिटी 50 मीटर तक रह गई है।प्रदेश इस वक्त कोहरे के आगोश में होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।पिछले 3 दिनों से ट्रेनें अपने समय मे विलंब से चल रही हैं। खास तौर पर सुबह के समय चलने वाली शताब्दी,मालवा,झेलम, कर्नाटक,पंजाब मेल सहित कई ट्रेनें 30 मिनट से 8 घंटे तक विलंब से अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं। वहीं हवाई मार्ग पर भी इसका साफ असर देखा जा रहा है।भोपाल,इंदौर से दिल्ली,मुंबई, गोवा और बेंगलुरु की फ्लाइट को रिशेड्यूल करना पड़ा है, साथ ही कोहरे केचलते ग्राउंड क्लियरेंस मिलने में भी दिक्कत आ रही है।
विंड पैटर्न बदलने से मालवा संभाग में बढ़ी ठंड
विंड पैटर्न बदलने के चलते इस साल ग्वालियर चंबल संभाग से ज्यादा सर्दी मालवा संभाग में पड़ रही है वहीं पचमढ़ी से ज्यादा सर्द भोपाल है। इसी वजह से शुक्रवार को इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री तक जा पहुंचा।वहीं बीते 24 घंटे की बात करें तो राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 25. 5 डिग्री दर्ज किया गया।मौसम विभाग की माने तो मध्य प्रदेश में तेज सर्दी के पीछे कई वजह देखी जा रही हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी के साथ ही जम्मू के पास एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते ठंड काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही जमीन से 12.6 किलोमीटर ऊपर 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं।फिलहाल ठंड से राहत मिलने के कोई असर नजर नहीं आ रहे हैं। दिसंबर के पूरे महीने में सर्दी का असर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही नए साल का स्वागत भी कड़ाके की ठंड के साथ होगा।
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