भोपाल। एम्स भोपाल के भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग (PMR) द्वारा विश्व दिव्यांग दिवस एवं विभाग के स्थापना दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजन और उनके परिवारों को पुनर्वास सेवाओं, सहायक उपकरणों और सरकारी योजनाओं के बारे में सरल एवं उपयोगी जानकारी प्रदान करना था।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर ने कहा कि पुनर्वास चिकित्सा बीमारी या दुर्घटना के बाद सामान्य जीवन में लौटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति से जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता ने PMR विभाग की प्रगति को सराहनीय बताते हुए कहा कि विभाग ने सेवाओं, उपचार पद्धतियों और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे मरीजों को बेहतर और प्रभावी पुनर्वास सहायता मिल रही है। इस कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन एकेडेमिक्स), डॉ. विठ्ठल प्रकाश पुरी (सह-प्राध्यापक, PMR), डॉ. अनुराधा दिवाकर शेनॉय (सहायक प्राध्यापक, PMR) और डॉ. जॉन संतोषी (प्रोफेसर, ऑर्थोपेडिक्स) सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुति के तहत सुश्री माया कुमारी शर्मा (सीनियर नर्सिंग ऑफिसर) ने विश्व विकलांग दिवस पर एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की।
ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेक्शन में मरीजों एवं परिजनों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। श्रीमती भूमि भागवतकर (व्यावसायिक चिकित्सक) ने सहायक उपकरणों का प्रदर्शन किया और बताया कि किस प्रकार इनसे दिव्यांगजन अपने दैनिक कार्यों में अधिक स्वावलंबी बन सकते हैं। श्रीमती सपना मौर्य (व्यावसायिक परामर्शदाता) ने दिव्यांगजन के लिए सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी, जिससे लोगों को यह समझने में मदद मिली कि वे इन योजनाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं। अंत में विजेताओं को स्मृति चिन्ह, पुरस्कार और मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री अंकिता वाडनेकर (फिजियोथैरेपिस्ट) ने किया।
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