
भोपाल। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर भोपाल में खादी और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और महापौर मालती राय खादी ग्रामोद्योग स्टोर पहुंचे और खरीदारी की।
मंत्री सारंग ने लोगों से स्थानीय स्तर पर तैयार सामान खरीदने और खादी को अपनाने की अपील की। उन्होंने इसे कारीगरों, बुनकरों और छोटे उद्यमियों के लिए समर्थन से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की बात कही।
खादी ग्रामोद्योग स्टोर पहुंचे मंत्री और महापौर
गांधी जयंती के अवसर पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय ने खादी ग्रामोद्योग स्टोर का दौरा किया। दोनों ने यहां खादी वस्त्र और स्वदेशी उत्पाद खरीदे। इस दौरान स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
गांधी के स्वदेशी विचारों का किया उल्लेख
मंत्री सारंग ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सादगी, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की सोच से जुड़ा रहा। उन्होंने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिया था। सारंग ने कहा कि मौजूदा समय में भी गांधीजी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए लोगों को अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
‘खादी’ को बताया आत्मनिर्भरता का प्रतीक
मंत्री ने खादी को केवल पहनावे तक सीमित नहीं माना। उनके अनुसार यह आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और देश के कारीगरों के सम्मान से जुड़ी है। गांधी जयंती के मौके पर उन्होंने नागरिकों से खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया।
स्थानीय खरीदारी से किसे मिलेगा फायदा?
मंत्री सारंग ने स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की खरीद को कई वर्गों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इससे—
कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा।
बुनकरों को समर्थन मिलेगा।
छोटे उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा।
‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना मजबूत होगी।
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
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