
गोवा। गोवा के केपे (Quepem) क्षेत्र के जांबावली (Zambaulim) में स्थित ध्यान फाउंडेशन की गौशाला पर आधी रात हुए कथित हमले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ध्यान फाउंडेशन ने आरोप लगाया है कि करीब 150 लोगों की भीड़ ने रात लगभग 1 बजे गौशाला में जबरन घुसकर बुलडोजर की मदद से शेड ध्वस्त कर दिए, जिससे करीब 300 गौवंश बेघर हो गए। संगठन का कहना है कि इस पूरी घटना में कई गायें घायल हुईं, कुछ जंगल की ओर भाग गईं और कई बछड़े अपनी माताओं से बिछड़ गए।
ध्यान फाउंडेशन ने इस मामले में जांबावली मंदिर समिति के अध्यक्ष मंजूनाथ डुकले और विश्व हिंदू परिषद (VHP) गोवा के नेता प्रवास नाइक समेत अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए केपे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
'बाउंसरों के साथ पहुंचे 150 लोग, बुलडोजर से गिराए 8 शेड'
ध्यान फाउंडेशन द्वारा सोशल मीडिया पर जारी बयान में दावा किया गया है कि हमले में करीब 150 लोग, जिनमें बाउंसर और कुछ महिलाएं भी शामिल थीं, गौशाला पहुंचे। संगठन के अनुसार, हमलावर दो भारी मशीनों (LNT/Bulldozer) के साथ आए और 8 शेडों को ध्वस्त कर दिया, जिनमें लगभग 300 गौवंश रह रहे थे। इनमें कई बीमार गायें, गर्भवती गायें और छोटे बछड़े भी शामिल बताए गए हैं।
'पहले से मिल रही थीं धमकियां'
ध्यान फाउंडेशन का आरोप है कि जिस जमीन पर गौशाला बनाई गई थी, उसके लिए संबंधित मंदिर की ओर से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिया गया था। संगठन का कहना है कि गौशाला बनाने और गौवंश को वहां शिफ्ट करने के बाद उन पर जमीन खाली करने का दबाव बनाया जाने लगा। फाउंडेशन का दावा है कि इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
'गार्ड को बंधक बनाया, मोबाइल तोड़े, CCTV भी नष्ट किया'
सोशल मीडिया पर जारी बयान में ध्यान फाउंडेशन ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने गौशाला के सुपरवाइजर और नाइट गार्ड को दो घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा, उनके मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए ताकि घटना का वीडियो न बनाया जा सके। इतना ही नहीं, CCTV कैमरे भी तोड़ दिए गए, जिससे घटना के सबूत मिटाए जा सकें।
'गायें जंगल में भागीं, कई के लापता होने की आशंका'
फाउंडेशन का दावा है कि बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई गायें डरकर जंगल की ओर भाग गईं। संगठन का कहना है कि कुछ गायें वापस लौट आई हैं, लेकिन कई अब भी लापता हैं और उनके जंगल में घायल होने या मौत की आशंका जताई जा रही है। गौशाला के शेड टूटने के कारण सैकड़ों गौवंश खुले में रहने को मजबूर हो गए हैं।
FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग
ध्यान फाउंडेशन ने केपे पुलिस से इस पूरे मामले में FIR दर्ज कर मंजूनाथ डुकले, प्रवास नाइक तथा कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है। संगठन ने इस घटना को गौसेवा और धार्मिक मूल्यों पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना और जांच के निष्कर्ष आना अभी बाकी है।
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