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Gold–Silver Price Crash: बजट के बाद लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट, चांदी ₹23 हजार और सोना ₹7 हजार टूटा

02 फ़र, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Gold–Silver Price Crash: बजट के बाद लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट, चांदी ₹23 हजार और सोना ₹7 हजार टूटा

Gold–Silver Price Crash: बजट के बाद लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट, चांदी ₹23 हजार और सोना ₹7 हजार टूटा

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

केंद्रीय बजट के एक दिन बाद यानी 2 फरवरी को सोने-चांदी के बाजार में भूचाल मच गया है। लगातार तीसरे दिन दोनों की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वायदा बाजार में चांदी करीब ₹23,000 (9%) टूट गई, जबकि सोना भी करीब ₹7,000 (6%) नीचे आ गया। निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह बड़ी खबर है।


वायदा बाजार (MCX) में क्या हैं ताजा भाव?

चांदी: ₹2.41 लाख प्रति किलो

सोना (10 ग्राम): ₹1.40 लाख

यानि कुछ ही दिनों में रिकॉर्ड हाई से दोनों धातुएं तेज़ी से फिसल गई हैं।


सर्राफा बाजार में भी भारी गिरावट

(IBJA) के मुताबिक:

चांदी: ₹29,255 सस्ती होकर ₹2,36,496 प्रति किलो

सोना (24 कैरेट): ₹6,427 गिरकर ₹1,42,270 प्रति 10 ग्राम


3 दिन में कितना टूटा भाव?

MCX (वायदा बाजार) के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:

सोना

29 जनवरी: ₹1.69 लाख

2 फरवरी: ₹1.40 लाख

 ➡️ गिरावट: ₹30,000

चांदी

29 जनवरी: ₹4.01 लाख प्रति किलो

2 फरवरी: ₹2.40 लाख

 ➡️ गिरावट: ₹1.60 लाख


सोना–चांदी क्यों गिरे? 2 बड़ी वजहें

1️⃣ प्रॉफिट बुकिंग

हाल ही में सोना-चांदी ऑल-टाइम हाई पर पहुंचे थे। ऐसे में निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की, जिससे बिकवाली बढ़ गई।

2️⃣ फिजिकल डिमांड में कमी

ऊंची कीमतों के बाद गहनों और औद्योगिक उपयोग की मांग कमजोर हुई, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।


मार्जिन बढ़ा, दबाव और बढ़ा

सेबी-रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक,

(CME) ने:

सोना: मार्जिन 6% → 8%

चांदी: मार्जिन 11% → 15%

मार्जिन बढ़ने का मतलब—ट्रेडर्स को अब ज्यादा पैसा जमा करना होगा। जिनके पास तुरंत पैसा नहीं होता, वे अपनी पोजीशन बेचते हैं। जब बहुत सारे लोग एक साथ बेचते हैं, तो कीमतें गिरती चली जाती हैं।


निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक मार्जिन ऊंचा रहेगा और डिमांड कमजोर रहेगी, तब तक सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। शॉर्ट टर्म में सावधानी और लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह खरीदारी का मौका भी हो सकता है।

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