
भोपाल। मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। दुबई यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया को बताया कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य स्थानीय संसाधनों और क्षमताओं को उद्योग, निवेश और रोजगार से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कारोबार को सुगम बनाने के लिए कई अप्रासंगिक कानून खत्म किए गए हैं और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। इन सुधारों से निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है और बड़े उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2026-27 में प्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा, ड्रोन व डिफेंस पर जोर
भविष्य की अर्थव्यवस्था को देखते हुए राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दे रही है। रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है, जिससे तकनीक, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश में पर्याप्त भूमि, लैंड बैंक, बिजली, जल संसाधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि, लैंड बैंक, बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि-पानी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मध्यप्रदेश को निवेश के लिहाज से प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
अब जिलास्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार पर जोर
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के जरिए निवेश और उद्योगों को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की पहल की गई है। अब सरकार का फोकस जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार पर है। स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं की पहचान कर उन्हें उद्योग और रोजगार के अवसरों में बदला जाएगा।
चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है, जबकि चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर को भी अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की संभावनाएं तलाशे जा रही हैं। बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क को उन्होंने निवेश और पर्यटन के विस्तार के लिए अहम बताया।
इस वर्ष मध्यप्रदेश में 14 करोड़ बाहरी पर्यटक आए
पर्यटन के क्षेत्र में उज्जैन के महाकाल लोक का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। उनके अनुसार, इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटक आए हैं। पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।
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