
भोपाल। गुना जिले के लोगों के लिए साल 2026 एक बड़ी सौगात लेकर आ सकता है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक चला, तो नए साल में यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिले के मरीजों को अब इलाज के लिए बार-बार इंदौर और भोपाल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टर, जांच और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आम आदमी का समय और पैसा दोनों बचेगा।
30 एकड़ जमीन चिन्हित, हाईवे से सिर्फ 6 किलोमीटर दूर
मेडिकल कॉलेज के लिए गुना तहसील ग्रामीण के ग्राम बिलौनिया में करीब 30 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है। यह जमीन नेशनल हाईवे पर स्थित है और शहर से सिर्फ 6 किलोमीटर की दूरी पर है।
यहां पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। पहले चरण में जब टेंडर निकाला गया तो सिर्फ एक ही निविदा आई, जिसके कारण उसे निरस्त करना पड़ा। अब नए सिरे से टेंडर बुलाने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि नए वर्ष में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट पर करीब 300 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसकी जानकारी 6 नवंबर 2024 को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त को भेजी जा चुकी है।
पांच साल पुरानी मांग, कई बार अटका मामला
गुना में मेडिकल कॉलेज की मांग कोई नई नहीं है। पांच साल पहले भाजपा शासनकाल में इसकी घोषणा की गई थी। उस समय तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के पास गुना के तत्कालीन कांग्रेस नेताओं का पत्र पहुंचा था, जिसमें कहा गया था कि गुना में पहले से एक निजी मेडिकल कॉलेज है, इसलिए यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज की जरूरत नहीं है।
इसके बाद प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया गया और गुना फिर से खाली हाथ रह गया।
दो साल पहले जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर से गुना में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
सांसद सिंधिया के हस्तक्षेप से तेज हुई प्रक्रिया
गुना से सांसद बनने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर कलेक्टर स्तर से दोबारा कार्रवाई शुरू हुई और पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया।
इसी क्रम में बिलौनिया गांव में जमीन चिन्हित कर सभी दस्तावेज शासन को भेजे गए। अब प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार यह सपना कागजों तक सीमित नहीं रहेगा।
20 करोड़ से खुलेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज और स्किल डेवलपमेंट सेंटर
मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ गुना को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां 20 करोड़ रुपये की लागत से स्किल डेवलपमेंट सेंटर और नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
इसमें जीएनएम और बीएससी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जहां डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षण मिलेगा।
गौरतलब है कि गुना जिले में निजी नर्सिंग कॉलेज तो कई हैं, लेकिन अब तक एक भी सरकारी नर्सिंग कॉलेज नहीं था। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है।
गुना को क्या-क्या होंगे फायदे?
मेडिकल कॉलेज बनने से गुना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
मरीजों को इलाज के लिए इंदौर-भोपाल नहीं जाना पड़ेगा।
समय और पैसे की बचत होगी।
जिले में ही विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को स्थानीय स्तर पर रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा।
अन्य जिलों में पलायन कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
कलेक्टर का भरोसा – जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
गुना कलेक्टर किशोर कन्याल का कहना है कि जिले में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मेडिकल कॉलेज के लिए बिलौनिया के पास जगह तय कर ली गई है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
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