
ग्वालियर जिले के लोगों के लिए सोमवार का दिन खास बन गया, जब शासन ने पिछोर को उप तहसील से सीधा तहसील का दर्जा देने की आधिकारिक घोषणा कर दी। लंबे समय से जिसकी मांग उठ रही थी, आखिरकार वह सपना पूरा हो गया। इस फैसले से न सिर्फ पिछोर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
पूजा यादव बनीं पिछोर की पहली तहसीलदार
शासन के आदेश के साथ ही मौजूदा नायब तहसीलदार पूजा यादव को पिछोर का तहसीलदार नियुक्त कर दिया गया है। जैसे ही यह खबर सामने आई, नगर परिषद क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने पूजा यादव का फूल-मालाओं से स्वागत किया। स्वागत करने वालों में गुलमेर खान, अर्जुन यादव, दीपक पटसारिया, रहीश खान, राम जानकी, राजेश पंडा, प्रमोद पांडे, प्रमोद यादव, कल्लू खान सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
1965 से अब तक का सफर, फिर मिला पुराना गौरव
कम ही लोग जानते हैं कि पिछोर पहले भी तहसील रह चुका है। वर्ष 1965 में पिछोर तहसील हुआ करता था, लेकिन बाद में जब डबरा को तहसील का दर्जा मिला तो पिछोर को उप तहसील में तब्दील कर दिया गया। इसके बाद से ही पिछोर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए डबरा के चक्कर काटने पड़ते थे। अब लगभग छह दशक बाद पिछोर को फिर से तहसील का दर्जा मिल गया है, जिससे इलाके को उसका पुराना गौरव लौट आया है।
अब डबरा नहीं जाना पड़ेगा, यहीं सुलझेंगी राजस्व समस्याएं
पिछोर को तहसील बनाए जाने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब पिछोर और बिलौआ क्षेत्र के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कामों के लिए डबरा नहीं जाना पड़ेगा।
नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खसरा-खतौनी जैसी समस्याओं का निराकरण अब पिछोर में ही हो सकेगा। नई तहसील में तहसीलदार के साथ चार नायब तहसीलदार भी पदस्थ रहेंगे, जिससे कामकाज में तेजी आएगी और लोगों को राहत मिलेगी।
ग्वालियर जिले में अब 9 तहसीलें
पिछोर को तहसील का दर्जा मिलने के बाद अब ग्वालियर जिले में कुल 9 तहसीलें हो गई हैं। इनमें –
ग्वालियर
डबरा
भितरवार
चीनोर
घाटीगांव
तानसेन
मोरार
पिछोर
(अन्य प्रचलित तहसीलें)
इस विस्तार से प्रशासनिक व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी तथा जिले के दूरस्थ इलाकों तक शासन की पहुंच आसान बनेगी।
पूर्व गृहमंत्री की घोषणा अब हुई साकार
पिछोर को तहसील बनाने की घोषणा पहले ही मध्यप्रदेश शासन के तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा कर चुके थे। अब सरकार ने इस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और इससे न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

