
ग्वालियर। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार जिस चार्टर्ड विमान में सवार थे, उसे ऑपरेट कर रहीं पायलट कोई और नहीं बल्कि ग्वालियर में जन्मी शांभवी पाठक थीं। इस खबर के सामने आते ही ग्वालियर में शोक और भावुक माहौल बन गया है। शांभवी की कहानी गर्व और दर्द—दोनों भावनाओं को एक साथ छू जाती है।
उड़ान से पहले दादी को भेजा आखिरी संदेश
जानकारी के मुताबिक, हादसे वाले दिन सुबह 6:36 बजे शांभवी ने मुंबई से अपनी दादी मीरा पाठक को मैसेज किया था— “गुड मॉर्निंग दद्दा” इसके बाद वे सीधे फ्लाइट के लिए रवाना हो गईं। करीब सुबह 8 बजे चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। यह खबर परिवार और शहर—दोनों के लिए झकझोर देने वाली रही।
परिवार में पायलट बनने की विरासत
शांभवी की दादी मीरा पाठक ग्वालियर में रहती हैं। उनके माता-पिता दिल्ली में हैं और पिता भी पायलट रह चुके हैं। शांभवी को फाइटर प्लेन्स से खास लगाव था—इसकी वजह यह रही कि उनके पिता भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके हैं। दादी के मुताबिक, घर में आज भी शांभवी की बचपन की तस्वीरें मौजूद हैं, जो उनके सपनों और मेहनत की गवाही देती हैं।
पढ़ाई और ट्रेनिंग: ग्वालियर से न्यूजीलैंड तक
कैप्टन शांभवी पायलट-इन-कमांड के पद पर थीं।
स्कूली शिक्षा: एयर फोर्स बाल भारती स्कूल
स्नातक: मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस
कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग: न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी
ग्वालियर में शोक
इस हादसे के बाद ग्वालियर में शांभवी पाठक को लेकर गहरा शोक है। शहर अपनी बेटी पर गर्व भी कर रहा है—जिसने आसमान में अपनी पहचान बनाई—और साथ ही इस दर्दनाक हादसे को याद कर भावुक भी है।
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