
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के बाहर हुए ट्रक हादसे में 15 लोगों की जान जाने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार, 19 अक्टूबर को पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे। हादसे में 28 से 30 लोगों के घायल होने की जानकारी है।
घटना के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता घोषित करने के साथ प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
नो-एंट्री जोन में घुसा ट्रक, मंदिर के बाहर मची अफरा-तफरी
यह हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात ग्वालियर जिले के चिनोर रोड पर स्थित शीतला माता मंदिर के बाहर हुआ। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु उस समय ट्रक की चपेट में आ गए, जब तेज रफ्तार वाहन नो-एंट्री जोन में प्रवेश कर गया।
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घायलों की संख्या 28 से 30 के बीच बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों और आठ कर्मचारियों पर गिरी गाज
घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस विभाग में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत झांसी रोड के सिटी एसपी को पद से हटा दिया गया है।
कार्रवाई में तीन थाना प्रभारी भी शामिल हैं। इनके अलावा पांच अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इस तरह कुल आठ पुलिसकर्मियों के निलंबन की जानकारी सामने आई है।
मृतकों के परिवारों को चार लाख, घायलों को 50 हजार रुपये
हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों और घायलों के लिए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इसके तहत सहायता राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है:
- मृतकों के परिजनों को: 4-4 लाख रुपये।
- घायलों को: 50-50 हजार रुपये।
सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने हादसे की परिस्थितियों और कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच की निगरानी अपर कलेक्टर करेंगे।
प्रशासन को सात दिनों के भीतर घटना के कारणों पर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। जांच में हादसे की वजहों का पता लगाने पर ध्यान रहेगा।
आज पीड़ितों से मिलेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को हादसे में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस दौरे के दौरान हादसे से प्रभावित परिवारों से सीधे मिलने का कार्यक्रम है।
हादसे में हुई मौतों, बड़ी संख्या में घायलों और पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई के बीच अब प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
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