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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में दवाओं की कमी, 4189 दवाओं के लिए 2 करोड़ रुपए का टेंडर जारी

18 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में दवाओं की कमी, 4189 दवाओं के लिए 2 करोड़ रुपए का टेंडर जारी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। हमीदिया अस्पताल की फार्मेसी में डॉक्टर की लिखी सभी दवाएं नहीं मिलने से मरीजों के परिजनों को बाहर की दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह परेशानी ज्यादा बढ़ गई है।


कैंसर, टीबी, डायबिटीज और हृदय रोग की कई दवाओं की उपलब्धता प्रभावित है। समस्या दूर करने के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने करीब 2 करोड़ रुपए की दवाओं की खरीद का टेंडर जारी किया है।


पर्ची की पूरी दवा नहीं मिल रही

मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल की फार्मेसी से डॉक्टर की लिखी दवाओं में से कई उपलब्ध नहीं होतीं। उन्हें कुछ दवाएं अस्पताल से लेने के बाद बाकी दवाओं के लिए बाजार जाना पड़ता है।


इलाज लंबा चलने पर यह खर्च बार-बार सामने आता है। परिजनों को दवा खरीदने के साथ अस्पताल की फार्मेसी में लाइन लगाने की परेशानी भी उठानी पड़ रही है।


कैंसर और टीबी की दवाओं की कमी

फार्मेसी में उपलब्धता की समस्या वाली दवाओं में गंभीर बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं शामिल हैं।

कैंसर की दवाएं:

एबिराटेरोन

कैपेसिटाबाइन

इमैटिनिब

डासाटिनिब


टीबी की दवाएं:

बेडाक्विलिन

क्लोफाजिमिन

डेलामानिड


डायबिटीज और हृदय रोग की दवाएं भी प्रभावित

दवा की कमी का असर हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों पर भी पड़ रहा है। इनमें एटोरवास्टेटिन, क्लोपिडोग्रेल, डैपाग्लिफ्लोजिन और इंसुलिन जैसी दवाएं शामिल हैं। समय पर दवा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों के उपचार में देरी की स्थिति बन रही है।


शिकायतों के बाद भी व्यवस्था में बदलाव नहीं

मरीजों के परिजनों की ओर से कई बार समस्या उठाई गई है। इसके बावजूद फार्मेसी में सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सामान्य नहीं हो पाई है। अस्पताल आने वाले परिवारों को जरूरत की दवाएं लेने के लिए बाहर की मेडिकल दुकानों पर निर्भर होना पड़ रहा है।


4189 दवाओं की खरीद का टेंडर

गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दवाओं की कमी दूर करने के लिए करीब 2 करोड़ रुपए की खरीद प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत 4,189 प्रकार की दवाओं के लिए टेंडर जारी किया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित दवाओं की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। प्रबंधन के मुताबिक नई खेप आने पर फार्मेसी में जरूरी दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।


नियमित सप्लाई शुरू होने पर मिलेगी राहत

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि खरीद की प्रक्रिया चल रही है। दवाओं की आपूर्ति मिलने के बाद फार्मेसी में उपलब्धता बेहतर होगी। अधिकारियों के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर दवाओं की सप्लाई सुनिश्चित करने की तैयारी है। मरीजों के परिजनों को वास्तविक राहत नियमित आपूर्ति और वितरण शुरू होने के बाद मिलने की उम्मीद है।

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