
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून के आने में तो अभी कुछ समय बाकी है लेकिन प्री मानसून की गतिविधियों ने गर्मी के असर को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इन दिनों मध्यप्रदेश की धरती पर बदरा काफी मेहरबान है। लगभग 2 सप्ताह से हर दिन प्रदेश में पानी गिर रहा है। शुक्रवार को भी प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और तेज आंधी भी चली। प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़कर बाकी जगह अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम ही रहा। राजधानी भोपाल में शुक्रवार शाम तेज हवा के साथ बारिश हुई। इंदौर सहित कई अन्य जिलों में भी बारिश के चलते तापमान में खासी कमी आई है।।बीते 24 घंटों में प्रदेश के 5 बड़े शहरों में से राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री, इंदौर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री, उज्जैन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री,जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37.9 दर्ज किया गया।
प्रदेश में एक साथ 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव
मध्यप्रदेश में इन दिनों एक साथ 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। जिसक चलते पूरे प्रदेश में तेज बारिश और आंधी का दौर चल रहा है।मौसम विभाग ने शनिवार को 50 से ज्यादा जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी दी है। इस दौरान गुना,अशोकनगर, विदिशा,सीहोर,देवास हरदा और बैतूल में आंधी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही भोपाल, इंदौर,रायसेन,राजगढ़,धार, बुरहानपुर, बड़वानी,खंडवा,खरगोन, उज्जैन, ग्वालियर,मुरैना,दतिया, भिंड,शिवपुरी,जबलपुर, कटनी,छिंदवाड़ा,सिवनी,रीवा, सतना,सीधी, सिंगरौली,मऊगंज सहित 45 जिलों में बारिश के चलते मौसम बदला हुआ नजर आएगा। वहीं मानसून के आगमन के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। मध्यप्रदेश में 20-22 जून के बीच मानसून की एंट्री हो सकती है।
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