
@जगदीश परमार
उज्जैन। हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा चार धाम आश्रम के महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद जी की तरफ से पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने पीड़ित पक्ष की ओर से जमानत को लेकर आपत्ति दर्ज कराई और आरोपियों की जमानत निरस्त कर दी।
आरोपी पक्ष सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका निरस्त हो जाने पर अग्रिम जमानत के लिए इंदौर हाई कोर्ट पहुंचे, अब देखना है हाई कोर्ट क्या निर्णय लेती है, तथ्यों के आधार पर ही निर्भर करता है। इस मामले में पूर्व महामंडलेश्वर मंदाकिनी गिरी और मीडिया कर्मी घनश्याम पटेल पर आरोप है कि उन्होंने सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए एक षड्यंत्र रचा था।
एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने न्यायाधीश के समक्ष कई महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए, जिससे न्यायाधीश संतुष्ट हुए और आरोपियों की जमानत निरस्त कर दी गई। इस खबर से संत समाज में बड़ा हर्ष उल्लास देखने को मिला है। उज्जैन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अपनी गति तेज कर दी है, लेकिन अभी तक उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। पुलिस आरोपियों से जुड़े लोगों के मोबाइल लोकेशन लेकर जानकारी जुटा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
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