
भोपाल। 'धर्म के ज्ञान का अभाव ही हिंदुओं के परिवार टूटने की बड़ी वजह है। शिक्षा संस्थानों में हमें पैसा कमाने की शिक्षा तो दी जाती है पर कोई भी विश्वविद्यालय हमें परिवार चलाने की शिक्षा नहीं देता। जब हमारे बच्चों को धर्म का ज्ञान हो जाएगा तो परिवार टूटने से बच जाएंगे।'
प्रख्यात कथावाचक व धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने ये उदगार रविवार को बावड़िया कला के रुद्राक्ष किंगस्टन परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुसलमान के बच्चे सही मायने में मुसलमान हैं, क्योंकि उन्हें कुरान का ज्ञान है। ईसाइयों के बच्चे सही मायने में ईसाई हैं, क्योंकि उन्हें बाइबल का ज्ञान है। जबकि, हिंदुओं के बच्चे ईमानदार हिंदू नहीं हैं, उन्हें रामायण, गीता, भागवत और धर्म का ज्ञान नहीं है। इनको छोटी उम्र से धर्म का ज्ञान देने की जरूरत है। बच्चों को सेवा भाव सिखाएं।
शालिग्राम डेवलपर्स रुद्राक्ष किंग्सटन के सहयोग से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन की कथा में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुरैना-शिवपुरी के सांसद शिवमंगल सिंह, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा पंडाल खचाखच भरा रहा। आयोजक और यजमान शालिग्राम डेवलपर्स के सीएमडी देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने भागवत जी की आरती की।
कथा सुनकर आत्मा पर जमीं धूल कर सकते हैं साफ: नरेंद्र सिंह तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भोपाल का सौभाग्य है कि पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर महाराज का यहां आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभु की प्रेरणा से ही मुख्य यजमान देवेंद्र चौकसे परिवार को यह अनुष्ठान करने का सौभाग्य मिला है। श्रीमद् भागवत कथा का हमारी संस्कृति में बड़ा महत्व है। इसका आयोजन व्यक्ति नहीं कर सकता। व्यक्ति कारक तब होता है जब प्रभु उसे बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मन, वचन, कर्म और श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण किया जाए तो इसका कोई तोड़ नहीं है। कथा सुनकर परमात्मा रूपी आत्मा पर जमीं धूल को साफ किया जा सकता है।
धार्मिक देखना आसान है और बनना मुश्किल
महाराज जी ने कथा प्रसंग के दौरान कहा कि हमें धार्मिक देखना नहीं है, बल्कि धार्मिक बनना है। धार्मिक देखना आसान है और बनाना मुश्किल। धार्मिक बनेंगे तभी आने वाले पीढ़ी और देश की रक्षा होगी।
बिना त्याग के सुख प्राप्ति नहीं हो सकती
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि बिना त्याग के सुख प्राप्ति नहीं हो सकती है। भवसागर को पार करने के लिए बड़े त्याग की जरूरत होती है। हमें नदी पार करने के लिए भी अपने महंगे शूट और जूते उतरने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि जब आप भक्ति के मार्ग पर जाते हो तो संसार आपको रोकता है। यहां सभी आपके अच्छे समय में ही चाहने वाले हैं, बुरे समय में कोई साथ नहीं देता।
सभी पुराणों में श्रीमद् भागवत सर्वश्रेष्ठ
देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जैसे नदियों में गंगा और देवताओं में भगवान विष्णु सर्वश्रेष्ठ हैं, उसी तरह पुराणों में श्रीमद् भागवत पुराण सर्वश्रेष्ठ है। कथा सुनने से मनुष्य में अपने कल्याण और भगवत प्रेम की जागृति होती है। महाराज जी ने कहा कि अच्छे कपड़े पहनना, गाड़ी में चलना और अच्छे भोजन करना सुख नहीं है। यह शारीरिक विषय है। सुख आत्मिक है, जो राम कृपा बिना संभव नहीं है।
अन्नदान का हर कोई अधिकारी, चाहे मनुष्य हो या पशु
महाराज जी ने कहा कि मनुष्य को सत्कर्म करते रहना चाहिए। वस्त्र, वस्तु आदि का दान सोच समझकर करें, देखें कौन अधिकारी है कौन नहीं। अन्नदान करते समय यह विचार नहीं करना चाहिए, इसका हर कोई अधिकारी होती है। चाहे वह मनुष्य हो या पशु।
मां-बाप का ऋण बच्चे कभी चुका नहीं सकते
देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कथा के प्रसंग दौरान कहा कि वह बच्चे बहुत अच्छे होते हैं, जो अपने मां-बाप के किए प्रयासों को कभी भूलते नहीं। मां-बाप के ऋण को बच्चा कभी चुका नहीं सकता है। तमाम बच्चे ऐसे भी होते हैं, जो अपने मां-बाप को ही अपनी सबसे बड़ी संपत्ति मानते हैं। यही भाव भगवान के प्रति भी होना चाहिए। यदि आप भगवान को अपना सर्वस्व मान लेंगे, तो वह आपका सारा कष्ट अपना मान लेंगे।
सोशल मीडिया पर नेगेटिव ना देखें ना सुनें
महाराज जी ने कहा कि आज सोशल मीडिया नेगेटिव हो रहा है, इसकी मुख्य वजह यह है कि हम उसे देख और सुन रहे हैं। हमको संकल्प लेना होगा कि हम नकारात्मकता कोना देखेंगे ना सुनेंगे। सकारात्मक समाज का निर्माण करेंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार से अपील की, कि वह सोशल मीडिया को लेकर गाइडलाइन बनाएं। इसमें यह होना चाहिए कि क्या चलाना है और क्या नहीं।
प्रभु के भजनों पर भक्ति भाव में झूमे श्रोता
महाराज जी के गाए भजनों 'मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है', 'ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन', 'मेरी भई श्याम संग प्रीत, ये दुनिया क्या जाने' पर श्रोता भक्ति भाव में लीन होकर झूमते रहे।
कथा में कल
देवकी नंदन ठाकुर महाराज 15 जून की कथा में अपराह्न 03:30 बजे से भरत चरित्र, नृसिंह और वामन अवतार की कथा सुनाएंगे। इससे पूर्व दोपहर 2:30 बजे से कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर शालिग्राम और तुलसी का पूजन अर्चन होगा।आयोजक देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।
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