
भोपाल। कूनो नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश। भारत के महाआंबिशियस प्रोजेक्ट चीता से गुरुवार सुबह ऐसी खुशखबर आई, जिसने पूरे देश को गर्व से भर दिया। कूनो नेशनल पार्क में देश की पहली भारतीय जन्मी मादा चीता मुखी ने 5 शावकों को जन्म दिया है। खास बात यह कि यह वही चीता है, जो ज्वाला द्वारा 2022 में जन्मे चार शावकों में से अकेली जीवित बची थी। और अब मुखी ने भारत में जन्मे चीतों की नई पीढ़ी की शुरुआत कर इतिहास रच दिया है।
एमपी और भारत की कंसर्वेशन में बड़ी सफलता
भारत की भूमि पर जन्मी 33 महीने की चीता मुखी द्वारा 5 शावकों को जन्म देना, सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक यादगार पल बन गया है। यह भारत के चीता रीइंट्रोडक्शन इनिशिएटिव की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। कूनो में अब चीतों की कुल संख्या 29 से बढ़कर 34 हो गई है—यानी 10 वयस्क और 24 शावक।
सीएम मोहन यादव ने दी बधाई, बताई "ऐतिहासिक उपलब्धि"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए खुशी जताई और लिखा, "भारत में जन्मी चीता मुखी ने मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में पांच बच्चों को जन्म देकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मां और बच्चे ठीक हैं। यह भारत के चीता रीइंट्रोडक्शन इनिशिएटिव के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है।"उन्होंने आगे लिखा, "मुखी, 33 महीने की उम्र में भारत में जन्मी पहली मादा चीता, अब बच्चे पैदा करने वाली भारत में जन्मी पहली चीता बन गई है, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए एक बड़ी छलांग है।"
वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी दी खुशखबरी
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “ऐतिहासिक मील का पत्थर: भारत में जन्मी चीता मुखी ने 5 बच्चों को जन्म दिया है। हाल के इतिहास में पहली बार, भारत में जन्मी किसी चीता ने बच्चे पैदा किए हैं। यह प्रोजेक्ट चीता की बहुत बड़ी सफलता है।” उन्होंने आगे कहा, “चीते का सफल प्रजनन भारत के प्राकृतिक आवास में इस प्रजाति के स्थायी भविष्य, एडैप्टेशन और हेल्थ का मजबूत संकेत है।”
क्यों खास है 'चीता मुखी'?
➡️ 2022 में ज्वाला द्वारा जन्मे 4 शावकों में से सिर्फ मुखी ही जीवित बची
➡️ भारत में जन्मी पहली native Indian cheetah
➡️ अब भारत में जन्मी पहली ऐसी चीता बनी जिसने खुद 5 शावकों को जन्म दिया
➡️ यह संकेत है कि चीतों ने भारत के पर्यावरण में सफलतापूर्वक खुद को ढाल लिया है
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या अब पहले से अधिक हो गई है और यह भारत के लिए एक गर्व का विषय है। पहले यहां कुल 29 चीते थे, जिनमें 10 वयस्क और 19 शावक शामिल थे। लेकिन चीता मुखी द्वारा 5 नए शावकों को जन्म देने के बाद अब पार्क में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। इसमें वयस्क चीतों की संख्या 10 ही है, जबकि शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। यानी अब कूनो में 10 वयस्क चीतों के साथ कुल 24 शावक मौजूद हैं, जो प्रोजेक्ट चीता के लिए एक बड़ी सफलता और भारत में इस प्रजाति के स्थायी भविष्य की उम्मीद को मजबूत करता है।
भारत के लिए क्या मायने हैं इन 5 शावकों के?
➡️ भारत में चीता प्रजनन का पहला सफल उदाहरण
➡️ भविष्य में स्वदेशी और आत्मनिर्भर चीता आबादी की संभावनाएं मजबूत
➡️ भारत की कंजर्वेशन पॉलिसी और वन्यजीव पुनर्स्थापन को मिली बड़ी मजबूती
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