
मध्यप्रदेश के सतना से सामने आई यह खबर सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सिस्टम पर बड़ा सवाल है। जिला अस्पताल के रक्त कोष से दिए गए संक्रमित रक्त ने छह मासूम बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव बना दिया। जैसे ही यह खुलासा हुआ, भोपाल से दिल्ली तक हड़कंप मच गया। जांच शुरू हुई और अब इस सनसनीखेज मामले में पहली बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
सतना ब्लड बैंक केस: पहली कार्रवाई, तीन निलंबित
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने गुरुवार को मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिला अस्पताल सतना के रक्त कोष से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
पैथोलॉजिस्ट (ब्लड बैंक प्रभारी) डॉ. देवेंद्र पटेल – निलंबित
लैब टेक्नीशियन राम भाई त्रिपाठी – निलंबित
लैब टेक्नीशियन नंदलाल पांडे – निलंबित
इसके साथ ही पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला (वर्तमान में सीएमएचओ) को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने साफ कहा है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक रिपोर्ट में लापरवाही साबित
यह कार्रवाई गठित जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मामले की जांच के लिए 16 दिसंबर को आयुष्मान के सीईओ और संचालक राज्य रक्ताधान परिषद डॉ. योगेश भरसट की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय टीम बनाई गई थी। समिति ने प्रारंभिक जांच में साफ तौर पर गाइडलाइन के उल्लंघन और गंभीर लापरवाही पाई है। इधर, केंद्र की सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) की टीम ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
डोनर की पूरी जानकारी ही नहीं ली गई
जांच में सामने आया है कि ब्लड बैंक ने रक्तदान से पहले डोनर की पूरी जानकारी फॉर्म में दर्ज ही नहीं की। अब प्रभावित बच्चों के एक-एक डोनर का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
मूल डोनर फॉर्म
मशीन की मूल रिपोर्ट
ब्लड बैग से जुड़े सभी दस्तावेज
सभी की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के बीच ब्लड बैंक में दलाली भी बेनकाब
ब्लड बैंक की जांच के बीच एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया ने सिटी कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर स्टिंग ऑपरेशन किया। इस दौरान 4500 रुपए में रक्त उपलब्ध कराने का सौदा पकड़ा गया।
पकड़े गए आरोपी दलाल
रजनीश साहू
मोहम्मद कैफ
अनिल गुप्ता
एसडीएम ने खुद नोट पंटर ग्राहक को देकर दलालों के पास भेजा। तीनों को मौके पर पकड़कर पुलिस अभिरक्षा में थाने भेज दिया गया है।
आज तीसरी टीम देगी दस्तक
सीडीएससीओ की टीम ने ब्लड बैंक द्वारा पेश दस्तावेजों पर असंतोष जताया है और कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए हैं। अब थैलेसीमिया पीड़ित जिन बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है, उनके डोनर फॉर्म, इश्यू किए गए ब्लड बैग दोनों की जांच की जा रही है।
शुक्रवार को आएंगी ये टीमें
नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (NACO)
एमपी स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की असिस्टेंट डायरेक्टर मोनल सिंह
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