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होमगार्ड्स हर विपदा में सच्चे संकट मोचन बनकर खड़े होते हैं जनता के साथ: डॉ. मोहन यादव

06 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm dr mohan yadav

Cm dr mohan yadav

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 63 वें होमगार्ड स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि होमगार्ड्स के जवान समर्पण, निष्ठा और सच्चाई के साथ निरंतर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। होमगार्ड्स हर विपदा में सच्चे संकट मोचन बनकर जनता के साथ खड़े होते हैं। प्राकृतिक आपदा हो, भीड़ प्रबंधन हो, यातायात व्यवस्था हो या किसी भी विषम परिस्थिति का सामना करना हो, सदैव पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे रहते हैं। समाज के सच्चे हीरो बनते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आजादी के बाद जब देश नागरिक सुरक्षा का ढांचा गढ़ रहा था, तब होमगार्ड ने भरोसे और सेवा के रूप में देश को सुरक्षा कवच दिया। चाहे बाढ़ का पानी हो, आग की लपटें हों, बड़ी दुर्घटना हो सबसे पहले जनता को आपका ही खयाल आता है। आप विपदाओं और समाज के बीच चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड का जवान उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना सीमा पर खड़ा सैनिक, क्योंकि होमगार्ड राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा के शिल्पकार और समाज की स्थिरता के प्रहरी हैं। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में एसडीआरएफ के गठन के बाद होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ मिलकर एक त्रिशूल की तरह आपदा प्रबंधन को नई ऊँचाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष 5075 नागरिकों को जीवनदान देकर आपने मानवता को सुरक्षित रखने का अद्वितीय कार्य किया है और इस वर्ष बाढ़ में सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर देवदूतों की भूमिका निभाई है।

 

समारोह में होमगार्ड्स की ओर से बोरवेल रेस्क्यू और बिल्डिंग रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन किया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा प्रबंधन विभाग की महानिदेशक प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव ने विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में अल्प संख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

राष्ट्रधर्म और जनता के विश्वास का प्रतीक वर्दी

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि होमगार्ड की वर्दी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने जवानों की भावना को सम्मान देते हुए कहा कि होम गार्ड सैनिक, पुलिस, रक्षक, प्रहरी की भूमिका में जहां जरूरत वहां अपनी सेवायें पूर्ण निष्ठा और समर्पण से देते हैं। 

 

मुख्यमंत्री ने की होमगार्ड हित में ये घोषणाएं

 

. ‘मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार’ के अंतर्गत कठिन परिस्थितियों में जान-माल की रक्षा करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को प्रतिवर्ष 51 हजार रुपए दिए जाएंगे। 

 

. तीन वर्ष में मिलने वाले दो माह के बाध्य काल ऑफ को समाप्त करने और प्रतिवर्ष मिलने वाली अनुकंपा अनुदान राशि 360 रुपये को बढ़ाने की घोषणा की। 

 

. उज्जैन स्थित महाकाल ज्योर्तिलिंग और महाकाल लोक की व्यवस्था के लिए होमगार्ड के 488 पदों की स्वीकृति दी गई। 

 

. प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक बल उपलब्ध कराया जाएगा। नए जिलों में आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। 

 

. आपदा प्रबंधन में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए बल के अधिकारियों और जवानों को कार्यस्थल के निकट आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आपदा प्रबंधक क्षमता को किया जा रहा है सशक्त की योजनाओं, पीपीपी मॉडल और पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत स्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी।

 

. सिंहस्थ–2028 को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी गई है 5000 से अधिक होमगार्ड भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने कंपनी गठित की जाएगी।



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