छिंदवाड़ा। होमस्टे अब पर्यटकों के लिए नया पसंदीदा ठिकाना बनते जा रहे हैं। घर जैसा माहौल, स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और देसी स्वाद का अनुभव पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। साथ ही यह सस्ती और इको-फ्रेंडली यात्रा का बेहतरीन विकल्प बनकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।
छिंदवाड़ा जिले का देवगढ़ गांव तेजी से पर्यटन के नक्शे पर उभर रहा है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से यहां विलेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया गया है, जिससे एक ओर पर्यटकों को सुकून और शांति का अनुभव मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी गांव के लोगों को आजीविका के नए स्रोत प्राप्त हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रोजेक्ट मैनेजर रहीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि प्रदेश में विलेज टूरिज्म को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश विलेज टूरिज्म के संचालक डॉ. डी.पी. सिंह का प्रयास है कि पर्यटकों को गांव की संस्कृति, परंपराओं और देसी भोजन से जोड़ा जाए।
मध्य प्रदेश बन रहा है विलेज टूरिज्म का केंद्र
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड अब तक प्रदेश में 350 से अधिक होमस्टे विकसित कर चुका है। विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने में होमस्टे अहम भूमिका निभा रहे हैं। छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र के आसपास विकसित होमस्टे पर्यटकों को खासा पसंद आ रहे हैं। होमस्टे संचालकों को घर बैठे लाखों रुपये की आमदनी हो रही है, वहीं बैलगाड़ी संचालन, पारंपरिक भोजन और स्थानीय गतिविधियों के माध्यम से गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
देवगढ़ में तैयार हुए 12 होमस्टे
देवगढ़ गांव को विलेज टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां अब तक 12 होमस्टे तैयार किए जा चुके हैं। चारों ओर पहाड़ियों से घिरे इस आदिवासी बाहुल्य गांव में होमस्टे निर्माण के लिए स्थानीय लोगों को अनुदान राशि भी दी गई है। नए साल में पर्यटकों की बढ़ती आमद से होमस्टे संचालक बेहद खुश हैं और उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है देवगढ़
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर देवगढ़ गांव पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। यहां की नैसर्गिक छटा पर्यटकों को सहज ही आकर्षित करती है। खेती यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय है और बड़े पैमाने पर संतरे की खेती की जाती है। होमस्टे के आसपास फैले संतरे के बागान भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
ऐतिहासिक है देवगढ़ का किला
देवगढ़ ऐतिहासिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। यहां गोंड जनजाति के महाराज का प्राचीन किला स्थित है, जिसे पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गया है। इसके अलावा देवी चंडिका का लगभग 500 वर्ष पुराना मंदिर भी देवगढ़ की धार्मिक पहचान को दर्शाता है।
टूरिज्म बोर्ड के सौजन्य से हुआ पहला देवगढ़ महोत्सव
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से देवगढ़ में पहली बार देवगढ़ महोत्सव का आयोजन किया गया। 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक चले इस महोत्सव में पारंपरिक खेल, स्थानीय व्यंजन, गोंड आदिवासी संगीत और लोक नृत्य प्रस्तुत किए गए। हजारों की संख्या में पहुंचे पर्यटकों ने देसी फूड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया।
देवगढ़ गांव आज विलेज टूरिज्म का एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है, जहां पर्यटन और ग्रामीण आजीविका का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

