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होर्मुज स्ट्रेट तनाव बढ़ा: UAE के दो तेल टैंकरों पर हमला, अमेरिका-ईरान में जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज

14 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
होर्मुज स्ट्रेट तनाव बढ़ा: UAE के दो तेल टैंकरों पर हमला, अमेरिका-ईरान में जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच UAE के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला हुआ है। इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 6 भारतीयों सहित 8 लोग घायल बताए गए हैं।


घटना के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो गई हैं। एक ओर ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया, तो दूसरी ओर अमेरिका ने कई ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी अभियान चलाने की जानकारी दी।


UAE के दो तेल टैंकर बने निशाना

UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'मोंबासा' और 'अल बहिया' नाम के दो तेल टैंकरों पर होर्मुज स्ट्रेट में क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया।

हमले का असर:

  • 1 भारतीय नागरिक की मौत

  • 8 लोग घायल

  • घायलों में 6 भारतीय शामिल


IRGC का दावा- अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए हमले

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

दावे के मुताबिक हमले किए गए:

  • बहरीन के अल-जुफैर सैन्य अड्डे पर

  • अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकाने पर

  • जॉर्डन के एक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिकों पर

  • अन्य अहम सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें, मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।


अमेरिका ने पांच घंटे तक की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, जवाबी सैन्य अभियान करीब 5 घंटे तक चला। CENTCOM के अनुसार जिन स्थानों को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं:

  • बुशहर

  • चाबहार

  • जास्क

  • कोनार्क

  • अबू मूसा

  • बंदर अब्बास


ट्रम्प की टैक्स योजना पर ब्राजील की आपत्ति

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस योजना की आलोचना की है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने की बात कही गई है। अल जजीरा के मुताबिक, लूला ने कहा कि पहले इस तरह के कदम को समुद्री डकैती कहा जाता था और अमेरिका जैसे देश को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।


क्यों उठ रहे हैं कानूनी सवाल?

ट्रम्प की प्रस्तावित टैक्स योजना को लेकर कई कानूनी और नीतिगत आपत्तियां सामने आई हैं। IMO का कहना है कि होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए।


UNCLOS के तहत अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य में सभी देशों को ट्रांजिट पैसेज का अधिकार प्राप्त है और उस पर एकतरफा शुल्क नहीं लगाया जा सकता।


ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के विदेश नीति विशेषज्ञ रॉबर्ट केगन के अनुसार, यदि अमेरिका खुद टोल वसूलेगा तो उसका फ्रीडम ऑफ नेविगेशन वाला तर्क कमजोर होगा।


अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 23 जून को कहा था कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। ऐसे में ट्रम्प की नई घोषणा को अमेरिकी सरकार के पहले के आधिकारिक रुख से अलग माना जा रहा है।

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