भोपाल। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से संचालित “ज्ञान पर्यटन” का हिस्सा बनी IES यूनिवर्सिटी। भोपाल के 46 विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण पर्यटन ग्राम भरतीपुर एवं गाड़रखेड़ी के लिए आयोजित किया गया। 46 छात्राओं के समूह ने पर्यटन गांव में कई गतिविधियों से जुडकर आनंदित हुईं।
इसी श्रृंखला में इस भ्रमण में कॉलेज के फैकल्टी सदस्य सित्वत सुल्तान (Sitwat Sultan) तथा राजवीर सिंह ठाकुर (Rajeeveer Singh Thakur) भी सम्मिलित रहे। यह भ्रमण PMCOE नर्मदापुरम्, गीतांजलि कॉलेज, तथा BSSS कॉलेज के सफल दौरों के बाद ‘नॉलेज टूरिज़्म’ की पाँचवीं कड़ी है।
विद्यार्थियों ने कर्क रेखा, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल साँची स्तूप, सोनारी स्तूप (Sonari Stupa) तथा पर्यटन ग्राम भरतीपुर और गाड़रखेड़ी का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने sustainable agriculture practices को नज़दीक से समझा और देखा कि इन्हें ग्रामीण स्तर पर कैसे अपनाया जाता है। इस दौरान विद्यार्थियों ने गाँव की जीवनशैली, पारंपरिक गतिविधियों और स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद लिया।
यह संपूर्ण यात्रा एमपीटीबी स्किल शाखा के अंतर्गत संचालक (कौशल) डॉ. डीपी सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। टूरिज़्म फ़ैसिलिटेशन सेंटर के सदस्यों के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। इस पहल से न केवल विद्यार्थियों को व्यावहारिक सीख एवं ग्रामीण जीवन से जुड़ाव मिल रहा है, बल्कि पर्यटन ग्रामों के होमस्टे संचालकों को भी बड़े समूहों की मेजबानी का अनुभव प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी हॉस्पिटैलिटी क्षमता और मजबूत हो रही है।
‘नॉलेज टूरिज़्म’ के अंतर्गत आयोजित यह पाँचवाँ भ्रमण अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन एवं गृह तथा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक शिव शेखर शुक्ला के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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