
भोपाल। इंदौर में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल द्वारा वन्देमातरम् गाने से इंकार करने के प्रकरण पर सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए इसे राष्ट्र की अस्मिता के विरुद्ध बताया है। मंत्री सारंग ने कहा कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदेमातरम् गाना ही होगा। यह केवल एक गीत नहीं बल्कि हमारी मातृभूमि के प्रति समर्पण, श्रद्धा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की वैमनस्यता फैलाने वाली बातें समाज को बांटने का कार्य करती हैं जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री सारंग ने आगे कहा कि वंदे मातरम् किसी एक धर्म विशेष का गीत नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण राष्ट्र की भावना का प्रतिनिधित्व करता है। चाहे हिंदू धर्म हो या कोई अन्य धर्म सभी में मातृभूमि को सर्वोपरि माना गया है। इस्लाम में भी मादरे वतन सबसे ऊपर है।
मंत्री सारंग ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों क्रांतिकारियों ने वंदे मातरम् के जयघोष के साथ देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। ऐसे में इस गीत का अपमान करना उन बलिदानों का भी अपमान है।
मंत्री सारंग ने अंत में कहा कि जो व्यक्ति मातृभूमि की इज्जत नहीं करता उसको जीने का अधिकार नहीं है। यदि वन्देमातरम् नहीं गाना है तो पाकिस्तान चले जाएं। प्रदेश में विघटन और दादागिरी की राजनीति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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