
भोपाल। राजधानी भोपाल में एलपीजी सिलेंडर की कमी अब सिर्फ घरों या होटलों तक सीमित नहीं रही। शहर के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड कारोबार, खासकर पानी-पूरी और चाट के ठेले, इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। गैस की सप्लाई बाधित होने से कई वेंडर्स को अपना काम बंद करना पड़ा है।
शहर के कई इलाकों में ठेले बंद
भोपाल के कई व्यस्त इलाकों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कोलार, जवाहर चौक, भेल (BHEL) और लिली स्क्वायर जैसे फूड हॉटस्पॉट पर कई ठेले या तो बंद हैं या सीमित समय तक ही लग रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक गैस की कमी के कारण शहर में लगभग 40 प्रतिशत स्ट्रीट फूड ठेले प्रभावित हुए हैं। कुछ वेंडर्स ने पूरी तरह काम बंद कर दिया है, जबकि कई लोग सिर्फ कुछ घंटों के लिए दुकान लगा पा रहे हैं।
वेंडर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट
स्ट्रीट फूड कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों के लिए यह स्थिति बेहद मुश्किल बन गई है। जो वेंडर पहले देर रात तक ग्राहकों को चाट, पानी-पूरी और अन्य स्नैक्स परोसते थे, वे अब गैस खत्म होने के डर से जल्दी दुकान समेटने को मजबूर हैं। कई लोगों का कहना है कि लगातार नुकसान होने के कारण कुछ वेंडर्स ने अस्थायी रूप से अपना काम बंद कर दिया है और रोजी-रोटी के लिए मजदूरी जैसे दूसरे काम तलाश रहे हैं।
थोक सप्लायर्स ने भी घटाया उत्पादन
इस संकट का असर सप्लाई चेन पर भी पड़ा है। स्थानीय थोक सप्लायरों का कहना है कि गैस की कमी के कारण वे पहले की तरह उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। एक सप्लायर के अनुसार, मांग पूरी नहीं होने की वजह से उन्होंने अपने उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। इससे बाजार में स्नैक्स और फूड आइटम की उपलब्धता भी कम हो गई है।
क्यों बढ़ा गैस संकट
इस गैस संकट की वजह सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक परिस्थितियां भी बताई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े तनाव और ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास मौजूद रिजर्व स्टॉक भी तेजी से खत्म हो गया। बड़ी संस्थाओं और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता मिलने के कारण छोटे कारोबारियों को सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया।
हजारों परिवारों की आजीविका पर असर
भोपाल में हजारों लोग स्ट्रीट वेंडिंग से अपना गुजारा करते हैं। पानी-पूरी, चाट, समोसा और अन्य स्नैक्स बेचने वाले ये छोटे व्यापारी शहर की फूड कल्चर का अहम हिस्सा हैं। लेकिन गैस की किल्लत ने उनकी आय पर सीधा असर डाला है। यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो कई छोटे कारोबार लंबे समय तक बंद रहने की आशंका भी जताई जा रही है।
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