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Madhaya Pradesh

मध्यप्रदेश में दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर,फिर बन रही भारी बारिश की संभावना

04 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश में दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर,फिर बन रही भारी बारिश की संभावना
Deepak Singh
डेस्क रिपोर्टर
Deepak Singh

भोपाल। मध्यप्रदेश में भारी बारिश पर लगे ब्रेक के चलते एक बार फिर सामान्य बारिश के आंकड़े में गिरावट बढ़ गई है। 24 जून को मानसून की एंट्री के बाद से ही बारिश में पिछड़ा प्रदेश सामान्य बारिश का आंकड़ा भी नहीं छू पाया था।जुलाई की शुरुआत में जहां सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई थी वहीं दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश से यह 13 प्रतिशत तक आ गया था लेकिन अगस्त में मानसून की बेरुखी के चलते प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि प्रदेश के ऊपर से 2 पश्चिमी विक्षोभ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं लेकिन इनका असर प्रदेश में नहीं दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश पर लगा यह ब्रेक अब खत्म हो सकता है।6 जुलाई से प्रदेश के ऊपर से गुजर रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर एक बार फिर दिखाई देगा जिससे भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।


पूरे प्रदेश में 7 जिलों में ही सामान्य से अधिक बारिश 


मध्यप्रदेश में इस साल मानसून की स्थिति बेहद खराब है।अगस्त का महीना आ चुका है लेकिन प्रदेश में इंदौर,देवास,खंडवा, खरगोन,बुरहानपुर,भिंड और बड़वानी ही मात्र 7 ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। वहीं भोपाल,सीहोर, रायसेन,विदिशा, राजगढ़,रीवा,सतना,नर्मदापुरम,बैतूल,छिंदवाड़ा,सिवनी,बालाघाट,पांढुर्णा,डिंडौरी,नरसिंहपुर,शिवपुरी,गुना,अशोकनगर,ग्वालियर,मुरैना,दतिया,मंदसौर,शाजापुर सहित 48 जिलों में सामान्य से भी कम बारिश हुई है।यह आंकड़े काफी डराने वाले हैं।अगस्त के महीने में प्रदेश में अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है इसलिए यह महीना खेती और जलस्रोतों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में आने वाली बारिश किसानों और आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। अब सभी की नजरें मौसम की चाल पर टिकी हैं कि क्या पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश को अच्छी बारिश देगा या फिर मानसून एक बार फिर निराश करेगा।

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