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भोपाल में ‘रियल हीरो’ बना सब इंस्पेक्टर, नादरा बस स्टैंड पर CPR देकर बचाई युवक की जान

13 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में ‘रियल हीरो’ बना सब इंस्पेक्टर, नादरा बस स्टैंड पर CPR देकर बचाई युवक की जान

भोपाल में ‘रियल हीरो’ बना सब इंस्पेक्टर, नादरा बस स्टैंड पर CPR देकर बचाई युवक की जान

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के नादरा बस स्टैंड चौराहे पर सोमवार को जो हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया। चलते-चलते अचानक एक युवक सड़क पर गिर पड़ा, शरीर में कोई हलचल नहीं थी और आसपास खड़े लोग घबरा गए। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात हनुमानगंज थाने के सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा ने बिना एक पल गंवाए ऐसा काम कर दिखाया, जिसे देखकर लोग कह उठे – यही असली पुलिस वाला होता है। विवेक शर्मा ने मौके पर ही युवक को सीपीआर दिया और उसकी जान बचा ली।


नादरा बस स्टैंड पर अचानक बिगड़ी युवक की हालत

सोमवार को नादरा बस स्टैंड के पास ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की नजर एक युवक पर पड़ी, जो बैटरी रिक्शा से उतरते ही सड़क पर गिर पड़ा। युवक के साथ मौजूद दोस्त कुछ समझ पाता, उससे पहले ही युवक बेहोश हो चुका था।

चश्मदीदों के मुताबिक युवक की सांसें रुकती सी महसूस हो रही थीं। आसपास मौजूद लोग घबरा गए, कोई पानी लाने लगा तो कोई मोबाइल से वीडियो बनाने लगा, लेकिन विवेक शर्मा ने हालात की गंभीरता को तुरंत समझ लिया।


30 से 45 सेकेंड में लौट आईं सांसें

विवेक शर्मा ने बताया कि युवक के गिरने के बाद शरीर में कोई मूवमेंट नहीं था। पल्स भी ठीक से महसूस नहीं हो रही थी। ऐसे में उन्होंने बिना देर किए युवक को सड़क पर ही सीधा लिटाया और सीपीआर देना शुरू कर दिया।

करीब 30 से 45 सेकेंड तक लगातार सीपीआर देने के बाद युवक के शरीर में हलचल शुरू हुई। उसकी सांसें लौटने लगीं और थोड़ी ही देर में वह आंखें खोलने लगा। इसके बाद विवेक शर्मा ने पानी के छींटे मारे और युवक को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की।


पंजाब का रहने वाला है गुलाब सिंह

होश में आने के बाद युवक से बातचीत की गई तो उसकी पहचान गुलाब सिंह के रूप में हुई। वह पंजाब के लुधियाना–जालंधर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है और भोपाल किसी निजी काम से आया था। उसके दोस्त ने बताया कि गुलाब को पहले से कमजोरी महसूस हो रही थी, लेकिन किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि वह अचानक सड़क पर गिर पड़ेगा।


हमीदिया अस्पताल भेजा गया युवक

सीपीआर से जान बचाने के बाद विवेक शर्मा ने युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजने की सलाह दी। उन्होंने उसे हमीदिया अस्पताल ले जाने को कहा। युवक को उसके दोस्त के साथ अस्पताल रवाना किया गया। बाद में संपर्क करने पर जानकारी मिली कि गुलाब सिंह की हालत अब पूरी तरह सामान्य है और वह खतरे से बाहर है।


मिसाल बने विवेक शर्मा

इस पूरे घटनाक्रम के बाद नादरा बस स्टैंड पर मौजूद लोग सब इंस्पेक्टर विवेक शर्मा की जमकर तारीफ करते नजर आए। लोगों का कहना था कि अगर उन्होंने समय रहते सीपीआर न दिया होता, तो शायद युवक की जान नहीं बच पाती। कई लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस को सिर्फ चालान काटने वाला नहीं, बल्कि ऐसे ही मानवता के काम करने वाला “रक्षक” माना जाना चाहिए।


सड़क पर CPR की अहमियत

डॉक्टरों का कहना है कि— हार्ट अटैक या अचानक बेहोशी की स्थिति में पहले एक मिनट बेहद अहम होता है। सही तरीके से दिया गया सीपीआर कई बार मौत को जिंदगी में बदल देता है। अगर आम लोग भी CPR की ट्रेनिंग लें, तो सड़कों पर कई जानें बचाई जा सकती हैं। विवेक शर्मा का यह कदम बताता है कि फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।


पुलिस विभाग के लिए भी प्रेरणा

भोपाल पुलिस के अधिकारियों ने विवेक शर्मा के इस साहसिक और मानवीय कार्य की सराहना की है। माना जा रहा है कि उन्हें विभागीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस की वर्दी सिर्फ कानून लागू करने का प्रतीक नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर वही वर्दी किसी की जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा बन जाती है।

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