
इंदौर। मध्य प्रदेश में चल रहे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान के बीच इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मतदाता सूची से नाम कटने से परेशान एक युवक कलेक्ट्रेट कार्यालय में भड़क गया। युवक का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने परिसर में हंगामा किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
SIR में कटा नाम, कई चक्कर के बाद भी नहीं मिला समाधान
यह पूरा मामला इंदौर जिले का है। युवक का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। नाम जुड़वाने के लिए वह कई बार कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा चुका है। सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
“गरीबों की नहीं सुनते कलेक्टर साहब”
कलेक्ट्रेट परिसर में युवक ने खुलेआम नाराजगी जताई। उसने कहा कि हर मंगलवार को जनसुनवाई होती है, लेकिन गरीब लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। युवक का आरोप है कि वह कई मंगलवार से आ रहा है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, काम नहीं होता।
पिता का निधन, मां दृष्टिहीन, फिर भी नहीं हो रहा काम
युवक ने भावुक होते हुए बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है और उसकी मां देख नहीं सकती। उसने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जमा किया है। इसके बावजूद मतदाता सूची में उसका नाम दोबारा नहीं जोड़ा गया। इसी तनाव में युवक ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही मां के बैग से कागजात निकालकर फाड़ने की कोशिश की।
BLO पर भी लगाए आरोप
युवक का कहना है कि जब वह बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से मिलता है, तो हर बार “कल आना” कहकर टाल दिया जाता है। युवक ने साफ कहा कि पहचान पत्र से उसका नाम काट दिया गया है और महीनों से दौड़ लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कलेक्ट्रेट में हुए हंगामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में युवक प्रशासन से सवाल करता दिख रहा है कि अगर गरीबों की सुनवाई नहीं होगी, तो जनसुनवाई का मतलब क्या है।
SIR को लेकर बढ़ रही लोगों की परेशानियां
बता दें कि SIR अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है, लेकिन कई जिलों से नाम कटने और सुधार में देरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
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