
कटनी। सोचिए…ट्रेनों की गड़गड़ाहट पटरी पर नहीं, बल्कि आसमान छूते विशाल वायाडक्ट पर सुनाई दे! जी हां, मध्य प्रदेश के कटनी में 1800 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा रेल फ्लाईओवर ऐसा ही कमाल करने जा रहा है। इस ग्रेड सेपरेटर को भारत का सबसे लंबा रेलवे वायाडक्ट बताया जा रहा है, जो न सिर्फ रेलवे की रफ्तार बढ़ाएगा, बल्कि मालगाड़ियों को बिना रुके सीधे बीना रेलखंड तक पहुंचाएगा। यह प्रोजेक्ट पश्चिम मध्य रेल के लिए गेमचेंजर साबित होने वाला है।
जुड़ गया अप ट्रैक, अब मालगाड़ियां नहीं रुकेंगी एनकेजे यार्ड में
झलवारा स्टेशन से न्यू मझगवां फाटक तक बनने वाले ग्रेड सेपरेटर की लंबाई करीब 33.40 किलोमीटर है। रेल विभाग द्वारा करीब 15.35 किलोमीटर वाले अप ट्रैक का कार्य पूरा कर दिया गया है। अब इस अप ट्रैक को बिलासपुर की ओर से आने वाली थर्ड लाइन से जोड़ा जा रहा है। एनकेजे यार्ड में सी-केबिन के पास ब्लॉक लेकर प्री-एएनआई कार्य शुरू हो चुका है। जल्द ही एनआई वर्क के बाद कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे कुछ समय के लिए ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।
अब तक क्या हुआ काम?
✔️ सिंगरौली की ओर से कनेक्टिविटी पहले ही जोड़ी जा चुकी है।
✔️ अब बिलासपुर लाइन से जोड़ने का काम शुरू हो गया है।
✔️ कनेक्टिविटी जुड़ते ही मालगाड़ियां एनकेजे को बायपास करते हुए सीधे बीना रेलखंड पर जाएंगी।
✔️ इसके लिए यार्ड रिमॉडलिंग, नए सिग्नल और अन्य तकनीकी अपग्रेड किए जा रहे हैं।
कैसा है ये देश का सबसे लंबा ग्रेड सेपरेटर?
परियोजना की कुल लागत: 1800 करोड़ रुपए
कुल लंबाई: 33.40 किलोमीटर
डाउन ग्रेड सेपरेटर: 17.52 किमी
अप ग्रेड सेपरेटर: 15.35 किमी
अप साइड फाउंडेशन: 1570, पियर्स: 264
डाउन साइड फाउंडेशन: 2592, पियर्स: 425
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल में कटंगी खुर्द से न्यू मझगवां ट्रैक पर सफल ट्रेन परिचालन किया गया था। अब मालगाड़ियों की आवाजाही तेज गति से जारी है।
किन ट्रेनों पर पड़ेगा असर?
27 नवंबर से 2 दिसंबर तक इन ट्रेनों पर असर रहेगा:
➡️ गाड़ी संख्या 68747/48 बिलासपुर-कटनी-बिलासपुर मेमू
➡️ गाड़ी संख्या 61603/04 कटनी-बरगवां-कटनी मेमू
➡️ ये ट्रेनें सिर्फ कटंगी खुर्द स्टेशन से शुरू और समाप्त होंगी।
कटनी-चिरमिरी पैसेंजर भी रहेगी निरस्त:
➡️ गाड़ी संख्या 61609 कटनी-चिरमिरी: 26 नवंबर से 2 दिसंबर तक
➡️ गाड़ी संख्या 61602 चिरमिरी-कटनी मेमू: 27 नवंबर से 3 दिसंबर तक
क्यों धीमा है डाउन ट्रैक का काम?
डाउन ट्रैक की 17.52 किमी लंबाई में कई हिस्सों में अभी तक पिलर भी तैयार नहीं हुए हैं। निर्माण एजेंसी का कार्य धीमी गति से चल रहा है और संभावना जताई जा रही है कि इसका काम 2026 तक ही पूरा हो पाएगा।
इस परियोजना से मिलेंगे बड़े फायदे
✔ बीना-कटनी रेलखंड में मालगाड़ियों की गति काफी बढ़ जाएगी
✔ बिलासपुर और सिंगरौली की लाइन सीधे जुड़ने से एनकेजे और कटनी मुड़वारा जैसे व्यस्त स्टेशन बायपास होंगे
✔ माल यातायात सुगम होगा, समय बचेगा और संसाधन कम लगेंगे
✔ पश्चिम मध्य रेलवे का राजस्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा
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