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Indian Army को मजबूती: जबलपुर में तैयार हुए दो टी-72 टैंक, जल्द होगी चेन्नई में फाइनल टेस्टिंग

20 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Indian Army को मजबूती: जबलपुर में तैयार हुए दो टी-72 टैंक, जल्द होगी चेन्नई में फाइनल टेस्टिंग

Indian Army को मजबूती: जबलपुर में तैयार हुए दो टी-72 टैंक, जल्द होगी चेन्नई में फाइनल टेस्टिंग

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में मध्य प्रदेश के जबलपुर से अच्छी खबर आई है। वीकल फैक्ट्री जबलपुर (VFJ) ने सेना के मुख्य युद्धक टी-72 टैंकों की मैकेनिकल ओवरहालिंग का अहम काम पूरा कर लिया है। अब ये टैंक सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रोल-ऑन प्रक्रिया से गुजरेंगे और इसके बाद अंतिम परीक्षण के लिए चेन्नई स्थित हैवी व्हीकल फैक्ट्री, आवडी भेजे जाएंगे। सफल टेस्टिंग के बाद VFJ को 10 और टैंकों की नई जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।


काम की कमी से निकला नया रास्ता

साल 2023 में आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाली इस फैक्ट्री के सामने काम की भारी कमी आ गई थी। 1500 करोड़ रुपये सालाना क्षमता वाली यूनिट के पास महज 500–600 करोड़ का काम बचा था। ऐसे में प्रबंधन ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए टी-72 टैंकों की मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहालिंग (MRO) परियोजना शुरू की। इसी योजना के तहत कर्मचारियों को चेन्नई भेजकर विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।


दो चरणों में हुई ओवरहालिंग

अप्रैल 2025 में जबलपुर को दो टी-72 टैंक मिले थे, जिन पर लगातार काम किया गया। पहले चरण में टैंक के टरेट और हल की मरम्मत की गई। टरेट वह हिस्सा है जिस पर गन लगी होती है और जो 360 डिग्री घूम सकता है, जबकि हल टैंक की पूरी संरचना का आधार होता है। दूसरे चरण में अंदरूनी और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि टैंक पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार हो सके।


टी-72: ‘अजेय’ की विरासत

टी-72 टैंक मूल रूप से सोवियत संघ में विकसित हुआ था, जिसे भारत ने 1970 के दशक में आयात किया। बाद में आवडी स्थित फैक्ट्री में इसका स्वदेशी निर्माण और अपग्रेडेशन शुरू हुआ। ‘अजेय’ नाम से मशहूर यह टैंक आज भी भारतीय सेना की बख्तरबंद ताकत की रीढ़ माना जाता है।


अधिकारियों को नई खेप की उम्मीद

वीएफजे के जनसंपर्क अधिकारी हर्ष भटनागर के अनुसार, “दोनों टैंकों की मैकेनिकल ओवरहालिंग पूरी हो चुकी है। निरीक्षण के बाद इन्हें चेन्नई में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा। परिणाम सकारात्मक रहे तो 10 और टी-72 टैंकों पर काम मिलने की उम्मीद है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी अपग्रेड किए जाएंगे।”

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