
भोपाल। मध्य प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ा विजन तैयार किया गया है। सरकार इंदौर, उज्जैन और भोपाल को हाई स्पीड कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी में है। लक्ष्य ऐसा सिस्टम विकसित करना है, जिससे लोग सिर्फ 60 मिनट में प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच सकें।
16 हजार वर्ग किलोमीटर में बनेगा हाई स्पीड नेटवर्क
सरकार के प्रस्तावित प्लान के तहत करीब 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां सिग्नल फ्री सड़कें, हाई स्पीड कॉरिडोर और आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तैयार होगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे और उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
योजना में इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे के साथ इंदौर-उज्जैन के बीच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव शामिल है। इससे मालवा क्षेत्र के प्रमुख शहरों के बीच तेज और निर्बाध आवागमन संभव होगा।
उज्जैन तक पहुंचेगी मेट्रो
प्रदेश सरकार इंदौर मेट्रो का विस्तार उज्जैन तक करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके बाद मेट्रो, बस और रेलवे सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा, ताकि यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच कम समय में आसानी से कनेक्टिविटी मिल सके।
रेलवे, बस और मेट्रो का होगा इंटीग्रेशन
नई रणनीति के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशन को इस तरह जोड़ा जाएगा कि यात्रियों को लंबा इंतजार या पैदल ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों का समय बचेगा।
कर्मचारियों और छात्रों को मिलेगी राहत
औद्योगिक क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इससे कर्मचारियों और छात्रों का रोजाना आने-जाने का समय कम होगा और सफर पहले से अधिक आसान बनेगा।
मालवा बनेगा ग्लोबल लॉजिस्टिक हब
यह परियोजना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जुड़े रणनीतिक लाभ का भी उपयोग करेगी। सरकार का मानना है कि इससे मालवा क्षेत्र देश के बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो सकेगा।
वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा मालवा का व्यापार
प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एरो सिटी और डीएमआईसी से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के बाद मालवा क्षेत्र के उद्योगों और व्यापार को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का नया अवसर मिलेगा। इससे इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन आर्थिक कॉरिडोर को भी नई गति मिलेगी।
पांच शहर होंगे सिग्नल फ्री नेटवर्क से जुड़े
इस मेगा प्रोजेक्ट में इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और शाजापुर को सिग्नल फ्री सड़कों से जोड़ने की योजना है। साथ ही पीथमपुर, सांवेर और रतलाम जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी एकीकृत किया जाएगा। इससे मालवाहक वाहनों के साथ आम लोगों को भी ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

