
इंदौर के स्कीम-136 इलाके में शुक्रवार सुबह एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शोरूम में लगी भीषण आग ने अफरा-तफरी मचा दी। आग का धुआं तेजी से ऊपर बने होमस्टे तक पहुंच गया, जहां करीब 20 लोग फंस गए थे। हालांकि स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आग आखिर लगी कैसे?
EV शोरूम से उठे धुएं ने बढ़ाई मुश्किल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह अचानक बिल्डिंग से घना धुआं निकलना शुरू हुआ। देखते ही देखते धुआं पूरी इमारत में फैल गया और ऊपर बने होमस्टे में ठहरे लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसी दौरान आसपास के लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
स्थानीय लोगों ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही रहवासियों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। लोगों ने आसपास से सीढ़ियां और रस्सियां जुटाईं तथा इमारत के कांच तोड़कर अंदर भरे धुएं को बाहर निकालने की कोशिश की। कांच टूटने के बाद धुएं का दबाव कम हुआ और फंसे लोगों को राहत मिली। इसके बाद सीढ़ियों की मदद से कई लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। यही तत्परता आगे बड़ी त्रासदी को टालने में अहम साबित हुई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद होमस्टे में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव अभियान में पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
सभी EV वाहन जलकर हुए खाक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शोरूम में मौजूद सभी इलेक्ट्रिक वाहन आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गए। वाहनों के जलने से निकला घना धुआं आसपास के रहवासियों के लिए भी परेशानी का कारण बना। दमकल अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ।
हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता
देश में हाल के महीनों में इमारतों और व्यावसायिक परिसरों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के बाद यह घटना भी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। मध्य प्रदेश में भी पिछले महीने 14 मई को देवास जिले के टोंक कलां क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद भीषण आग लगी थी। उस हादसे में कुल 8 मजदूरों की जान चली गई थी, जिनमें 3 की मौके पर और 5 की इलाज के दौरान मौत हुई थी।
जांच पर टिकी नजर
फिलहाल इंदौर के इस हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जो राहत की बात है। लेकिन EV शोरूम में लगी आग और बड़ी संख्या में लोगों के फंसने की घटना ने सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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