
इंदौर। यात्रियों की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए इंदौर रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक अभिनव पहल शुरू की है। 14 नवंबर से जीआरपी इंदौर ‘पटरी की पाठशाला’ और ‘हमारी सवारी, भरोसे वाली’ नामक दो विशेष जनजागरूकता अभियानों की शुरुआत करने जा रही है। रेलवे पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल, जिन्होंने झाबुआ में ‘3D अभियान (दारू, दहेज और डीजे के खिलाफ) सफलतापूर्वक चलाया था, अब रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा और नैतिक शिक्षा को लेकर यह अनूठा प्रयोग शुरू कर रहे हैं।
‘पटरी की पाठशाला’ क्या है?
‘पटरी की पाठशाला’ अभियान के तहत रेलवे स्टेशन, पटरियों के आसपास की बस्तियों, कॉलोनियों और असंगठित श्रमिक वर्ग को रेल सुरक्षा, महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता, स्वच्छता और नैतिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। पद्म विलोचन शुक्ल के अनुसार, “इस अभियान का मकसद बच्चों में अनुशासन, जिम्मेदारी और नशामुक्त जीवन के संदेश को फैलाना है। इससे लावारिस बच्चों की पहचान और संरक्षण भी किया जा सकेगा।”
अभियान की खास बातें:
➡️ बच्चों को कहानी, पोस्टर और खेल के माध्यम से रेल सुरक्षा की शिक्षा दी जाएगी
➡️ ‘गुड टच-बैड टच’ जैसे विषयों पर इंटरैक्टिव सत्र होंगे
➡️ भिक्षावृत्ति या व्यावसायिक गतिविधियों में लगे बच्चों को संरक्षण और पुनर्वास का अवसर मिलेगा
‘हमारी सवारी, भरोसे वाली’ से बढ़ेगी सुरक्षा
रेल यात्रियों, खासकर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीआरपी इंदौर यह तकनीकी पहल शुरू कर रही है। अब रेलवे स्टेशन से चलने वाले हर ऑटो पर एक यूनिक क्यूआर कोड स्टिकर होगा।
इस पहल के फायदे:
➡️ क्यूआर कोड स्कैन कर यात्री ड्राइवर की पहचान, मोबाइल नंबर, वाहन संख्या और पुलिस सत्यापन की स्थिति देख सकेंगे
➡️ किसी संदिग्ध गतिविधि, शिकायत या सामान छूटने की स्थिति में ड्राइवर की तुरंत पहचान संभव
➡️ डिजिटल सुरक्षा और स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
सुरक्षा नंबरों की जानकारी भी दी जाएगी
अभियान के तहत महिला एवं साइबर सुरक्षा सत्र भी होंगे, जिनमें हेल्पलाइन नंबर (139, 112, 1930) की जानकारी के साथ आत्मरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
एसपी रेल पद्म विलोचन शुक्ल ने कहा, “जीआरपी इंदौर का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जनसहभागिता और तकनीक के माध्यम से एक सुरक्षित और जागरूक समाज बनाना है। ‘पटरी की पाठशाला’ और ‘हमारी सवारी भरोसे वाली’ इसी दिशा में ठोस कदम हैं।”
अभियान की लॉन्चिंग 14 नवंबर को इंदौर रेलवे स्टेशन से
दोनों अभियानों की शुरुआत 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर इंदौर रेलवे स्टेशन से की जाएगी। जीआरपी का मानना है कि यह पहल समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और जनजागरूकता की नई पटरी बिछाएगी।
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