
इंदौर के आसपास विकसित हो रहे मेट्रोपॉलिटन रीजन को एक बड़े मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। 84 किलोमीटर के इंदौर-उज्जैन-पीथमपुर कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर तैयार है और इसे जल्द शासन के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
प्रस्ताव में इंदौर से उज्जैन और पीथमपुर को जोड़ने के साथ आगे देवास तथा क्षेत्र के दूसरे प्रमुख शहरों को नेटवर्क में शामिल करने की संभावना भी रखी गई है। प्रस्तावित ट्रैक का स्वरूप Y-Shape होगा।
84 किमी के कॉरिडोर में हुआ बदलाव
इंदौर-उज्जैन-पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर की करीब 84 किलोमीटर लंबी योजना में संशोधन किया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने इसकी संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है।
अब संशोधित डीपीआर शासन के पास अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Y-Shape में तैयार होगा मेट्रो नेटवर्क
प्रस्तावित विस्तार की खासियत इसका ट्रैक ले-आउट है। पीथमपुर से इंदौर होते हुए उज्जैन और देवास की दिशा में जाने वाला नेटवर्क Y-Shape में विकसित करने की योजना है।
एबी रोड के पास कॉरिडोर के दो दिशाओं में विभाजित होने का प्रावधान है। इसमें एक दिशा महू और दूसरी पीथमपुर की ओर जाएगी।
आबादी वाले हिस्से में भूमिगत ट्रैक
मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग तकनीक अपनाने की योजना है। घनी आबादी वाले हिस्सों में ट्रैक भूमिगत रखा जाएगा, जबकि बाहरी क्षेत्रों में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
योजना के मुताबिक लवकुश चौराहे से बड़ा गणपति होते हुए राजेंद्र नगर तक मेट्रो भूमिगत चलेगी। राजेंद्र नगर से पीथमपुर की दिशा वाला हिस्सा एलिवेटेड प्रस्तावित है।
पहले चरण को भी औपचारिक मंजूरी का इंतजार
इंदौर मेट्रो के पहले चरण के एक हिस्से में सुपर कॉरिडोर से विजय नगर और आगे खजराना तक भूमिगत कॉरिडोर का प्रावधान किया गया है। इस हिस्से के बजट पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
सुपर कॉरिडोर से शहीद पार्क के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार है। इस पर मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए मंत्रालय की औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है। अनुमति मिलने के बाद इस हिस्से में ट्रेन चलाने का रास्ता साफ होगा।
तीसरे चरण का प्रस्ताव भी तैयार
इंदौर मेट्रो के तीसरे चरण के विस्तार के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें राजेंद्र नगर से आंबेडकर नगर (महू) तक कनेक्टिविटी देने की योजना है।
प्रस्तावित नेटवर्क में सिरपुर से गलोंदा और पीपल्याहाना होते हुए बिचौली मर्दाना तक मेट्रो कनेक्टिविटी शामिल करने की योजना भी है।
अधिकारियों के अनुसार इस चरण में करीब 300 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत के आधार पर काम प्रस्तावित है। प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद इसकी डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
देवास समेत दूसरे शहरों को जोड़ने की तैयारी
मेट्रो कॉरपोरेशन की योजना सिर्फ इंदौर तक सीमित रखने की नहीं है। पूरे मेट्रोपॉलिटन रीजन को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए आसपास के प्रमुख शहरों की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।
इस विस्तार में देवास को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने पर विचार है। उद्देश्य इंदौर और आसपास के शहरों के बीच तेज एवं सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय स्तर पर एकीकृत मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जा सके।
अब शासन और कैबिनेट की मंजूरी पर नजर
संशोधित डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना का अगला अहम पड़ाव शासन की मंजूरी है। इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।
शासन और कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद इंदौर-उज्जैन-पीथमपुर विस्तार सहित प्रस्तावित क्षेत्रीय मेट्रो नेटवर्क के अगले चरणों पर काम आगे बढ़ सकेगा।
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