शनिवार, 20 जून 2026
Logo
Madhaya Pradesh

Indore-Ujjain Greenfield Corridor: आज होगा 2,935 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का भूमिपूजन, सिंहस्थ की तैयारी को मिलेगी रफ्तार

20 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Indore-Ujjain Greenfield Corridor: आज होगा 2,935 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का भूमिपूजन, सिंहस्थ की तैयारी को मिलेगी रफ्तार
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन करेंगे। यह उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की पहली सड़क परियोजना होगी, जिसे सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत विकसित किया जा रहा है।


करीब 48 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर

करीब 48 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर 2,935 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इसके बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।


सिंहस्थ में लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ 2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस मार्ग से सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे, जिससे यात्रा का समय भी कम होगा।


917 किसानों को मिला 816 करोड़ से ज्यादा मुआवजा

परियोजना के लिए 917 किसानों की करीब 242.939 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। इसके बदले सरकार ने 816 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा दिया है। इस सड़क से इंदौर के 20 और उज्जैन के 8 गांव सीधे जुड़ेंगे, जबकि आसपास के 40 से 50 गांवों के लगभग 15 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा।


सीएम बोले- मेट्रोपॉलिटन रीजन की पहली सड़क

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की पहली सड़क परियोजना है। भूमिपूजन से पहले वे सिंहस्थ से जुड़े कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे।


सिंहस्थ को 'जीरो वेस्ट' बनाने की तैयारी

भूमिपूजन कार्यक्रम के साथ मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक संकुल भवन में नगरीय निकाय, स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस से जुड़ी राज्य स्तरीय बैठकों में भी हिस्सा लिया। बैठक में सिंहस्थ 2028 को 'जीरो वेस्ट आयोजन' बनाने और इंदौर के स्वच्छता मॉडल को अन्य शहरों में लागू करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3,680 करोड़ रुपए की योजना पर काम किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 2,036 करोड़ रुपए होगा।


प्रदेश में लगेंगे एक करोड़ स्मार्ट मीटर

बैठक में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में एक करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे और इसके लिए 15 अगस्त 2026 तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर की शुरुआत पहले सरकारी कार्यालयों, सरकारी कर्मचारियों और सरकारी योजनाओं से होगी। इसके बाद दूसरे चरण में बड़े बिजली उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। साथ ही प्रदेश में सौर ऊर्जा और विंड पावर के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें