
रिपोर्ट : चेतन ठाकुर
इंदौर के सियागंज इलाके में सोमवार को वह दृश्य देखने को मिला जो आमतौर पर बड़े रेड्स के दौरान ही होता है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने एक गोदाम में दबिश दी, और अंदर जो मिला… उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। लगभग 900 किलो सौंफ और 400 किलो खसखस संदिग्ध अवस्था में रखा मिला, जिसके बाद पूरे गोदाम को मौके पर ही सील कर दिया गया।
सीएम मोहन यादव के निर्देशों का असर—‘मिलावटखोरी पर जीरो टॉलरेंस’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में इंदौर में फूड एवं ड्रग लैब के उद्घाटन के अवसर पर मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया था। उन्हीं निर्देशों के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
टीम ने जवाहर मार्ग, वेयरहाउस रोड स्थित जयश्री मर्चेंट के गोदाम का औचक निरीक्षण किया, जिसके प्रोप्राइटर अमित गोगिया पाए गए।
सौंफ में कलर की आशंका, खसखस भी अमानक—नमूने जब्त
जांच टीम ने पाया कि गोदाम में भारी मात्रा में सौंफ और खसखस बिक्री के लिए भंडारित की जा रही थी।
• सौंफ की प्रारंभिक जांच में कलर की मिलावट की आशंका मिली।
• खसखस भी देखने में अमानक एवं संदिग्ध प्रतीत हुआ।
दोनो खाद्य पदार्थों के नमूने खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत जांच के लिए लिए गए।
गोदाम में लाइसेंस या पंजीयन नहीं मिला, जिसके बाद उसे आगामी आदेश तक बंद कराया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा बोले—‘शुद्ध भोजन नागरिकों का अधिकार’
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कार्रवाई के बाद कहा, “नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लिए गए सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के बाद आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
उपभोक्ता ऐसे पहचानें मिलावटी सौंफ और खसखस
अब सवाल यह—मिलावट की पहचान घर पर कैसे करें? प्रशासन ने इसके आसान तरीके बताए हैं:
सौंफ की पहचान:
सौंफ को हाथ में रगड़ें।
यदि हाथ पर गहरा हरा रंग चढ़े, तो उसमें कलर मिलावट हो सकती है।
हल्का हरा रंग प्राकृतिक होता है।
खसखस की पहचान:
खसखस को पानी से भरे पारदर्शी गिलास में डालें।
शुद्ध खसखस नीचे बैठ जाएगी।
अशुद्धियां ऊपर तैरेंगी और पानी दूधिया रंग का हो जाएगा।
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