
भोपाल। मध्यप्रदेश में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाने लगी है। बीते दिनों तक जहां मौसम सुहावना बना हुआ था, वहीं अब तापमान में हर दिन तेज उछाल देखने को मिल रहा है। पारे की रफ्तार हर दिन बढ़ती ही जा रही है।जिससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।गर्मी का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि गुरुवार को प्रदेश के 28 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा। वहीं प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच गया जो इस सीजन में अब तक का सर्वाधिक रहा। प्रदेश में पचमढ़ी 33.8 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा।शुक्रवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है।बीते 24 घंटों में प्रदेश के पांचों बड़े शहरों में राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री पहुंच गया वही इंदौर में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री, उज्जैन में अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री, जबलपुर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अप्रैल में तेज गर्मी का ट्रेंड
मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल में प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने का ट्रेंड है लेकिन महीने की शुरुआत से ही इस साल एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले पखवाड़े में मौसम बदला रहा। पश्चिमी विक्षोभ अब प्रदेश से विदा हो चुका है और अब प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। हालांकि कल एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है लेकिन मध्यप्रदेश में इसका ज्यादा असर देखने को नहीं मिलेगा हालांकि कुछ जिलों में बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है।मौसम विभाग के अनुसार अब गर्मी के तेवर और भी ज्यादा तीव्र हो जाएंगे। इस महीने के अंत तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।इसी के चलते मौसम विभाग ने बचाव का अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, यदि निकलना जरूरी हो तो सिर और चेहरे को ढककर रखें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में इस तरह के बदलाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। गर्मी के इस बढ़ते असर को देखते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान में भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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