
मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष लगातार खतरनाक होता जा रहा है। युद्ध के 18वें दिन इजराइल ने दावा किया है कि उसके ताजा एयरस्ट्राइक में ईरान के एक बेहद ताकतवर सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी मारे गए हैं। हालांकि इस दावे पर अभी तक ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इजराइल का दावा: एयरस्ट्राइक में मारे गए अली लारिजानी
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि रात में किए गए हमले में ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी को निशाना बनाया गया और वे मारे गए। इससे पहले इजराइली सेना (IDF) ने भी पुष्टि की थी कि उसने एक सटीक एयरस्ट्राइक में लारिजानी को टारगेट किया था। लारिजानी को ईरान के सबसे प्रभावशाली सुरक्षा अधिकारियों में गिना जाता था।
बसीज फोर्स के कमांडर भी हमले में ढेर
इजराइली सेना के अनुसार एक अन्य सैन्य कार्रवाई में ईरान की बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गोलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए हैं। रक्षा मंत्री काट्ज ने अपने बयान में कहा कि इन दोनों अधिकारियों को खत्म कर दिया गया है और वे उन लोगों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्हें इजराइल पहले ही निशाना बना चुका है। हालांकि ईरान की तरफ से इन दावों की पुष्टि या खंडन अभी तक सामने नहीं आया है।
युद्ध का असर ऊर्जा बाजार पर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत अचानक बढ़कर 153 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाल के वर्षों में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। तेल के दाम बढ़ने से उन देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं।
महंगाई बढ़ने का खतरा
तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। परिवहन खर्च बढ़ सकता है, बिजली उत्पादन महंगा हो सकता है और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ऊर्जा संकट से जूझ रहे देशों के कदम
तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ने के कारण कुछ देश अब ऊर्जा बचाने के उपाय करने लगे हैं। श्रीलंका ने घोषणा की है कि ईंधन की खपत कम करने के लिए सरकारी कार्यालय अब सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे।
भारत के लिए राहत: LPG लेकर पहुंचा ‘नंदा देवी’ जहाज
वैश्विक संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है। भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर गुजरात के वडिनार पोर्ट पर पहुंच गया है। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लाई गई है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह के अनुसार यह गैस समुद्र में ही दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इस प्रक्रिया को शिप-टू-शिप (STS) ट्रांसफर कहा जाता है।
इससे पहले मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था ‘शिवालिक’ जहाज
भारत को एलपीजी सप्लाई के लिए सोमवार को एक और जहाज ‘शिवालिक’ मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। इस जहाज में लगभग 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी थी, जो करीब 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर मानी जा रही है।
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