
भोपाल। दुबई से भारत लौटने की तैयारी कर चुके इटारसी के चार भारतीय अचानक अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से वहीं फंस गए। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण हवाई उड़ानों पर लगे प्रतिबंध ने एक परिवार की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
दुबई की फ्लाइट टेकऑफ से पहले ही रद्द
इटारसी के एक प्रतिष्ठित परिवार के चार सदस्य इन दिनों दुबई में रुके हुए हैं। सराफा कारोबारी सुनील खंडेलवाल और गायिका अनीता खंडेलवाल के बेटे-बहू और बेटी-दामाद दुबई यात्रा पर गए थे। जानकारी के मुताबिक, बेटा कुशल खंडेलवाल और बहू राशि खंडेलवाल 20 फरवरी को दुबई पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात बेटी अपूर्वा खंडेलवाल और दामाद अंकित जैन से हुई, जो वहीं निवास करते हैं। 28 फरवरी को भारत लौटने की योजना थी। परिवार के अनुसार, वे फ्लाइट में बैठ भी चुके थे और टेकऑफ की तैयारी चल रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति गंभीर होने के कारण दुबई से उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। कुछ ही पलों में उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई।
ईरान-इजराइल तनाव का अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं है। कई देशों ने एहतियातन अपने हवाई क्षेत्र में पाबंदियां लगाई हैं या उड़ानों को डायवर्ट किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध जैसे हालात में एयरस्पेस बंद करना सामान्य सुरक्षा कदम है, ताकि नागरिक विमानों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके। इसका सीधा असर खाड़ी देशों की उड़ानों पर भी पड़ता है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय यात्री सफर करते हैं। दुबई, जो अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब माना जाता है, वहां से सैकड़ों उड़ानें हर दिन भारत के लिए रवाना होती हैं। ऐसे में अचानक फ्लाइट कैंसिल होने से हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है।
मां की बढ़ी चिंता, सरकार से लगाई गुहार
अनीता खंडेलवाल ने बताया कि बच्चों का फोन पहले आया कि वे शाम तक भारत पहुंच जाएंगे। लेकिन थोड़ी देर बाद फ्लाइट रद्द होने की खबर मिली। उनका कहना है कि जब तक बच्चे सुरक्षित घर नहीं लौटते, तब तक मन में डर बना रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि ऐसी परिस्थितियों में विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। परिवार का कहना है कि वहां स्थिति फिलहाल सामान्य है, लेकिन अनिश्चितता और उड़ानों के दोबारा शुरू होने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
विदेश में फंसे भारतीयों के लिए क्या होते हैं विकल्प?
ऐसे मामलों में आमतौर पर:
भारतीय दूतावास हेल्पलाइन जारी करता है
वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जाती है
जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ान (स्पेशल एवैक्युएशन फ्लाइट) चलाई जाती है
यात्रियों को स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सलाह दी जाती है
पहले भी विभिन्न देशों में संकट के समय भारत सरकार ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए हैं। इसलिए प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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