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जबलपुर की मदन महल पहाड़ियों में मिला दुर्लभ विशाल मशरूम, विशेषज्ञ बोले—खुशी के साथ सावधानी भी जरूरी

13 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
जबलपुर की मदन महल पहाड़ियों में मिला दुर्लभ विशाल मशरूम, विशेषज्ञ बोले—खुशी के साथ सावधानी भी जरूरी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसी खोज हुई है जिसने वैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों दोनों को चौंका दिया है। मदन महल की पहाड़ियों में दुनिया के सबसे बड़े मशरूम में गिने जाने वाले बोंडारजेविया बर्कलेई की मौजूदगी दर्ज की गई है—और इसके मायने बेहद खास हैं।


मदन महल की पहाड़ियों में अनोखी खोज

जबलपुर की प्रसिद्ध मदन महल पहाड़ियों के पास शैलपर्ण उद्यान और देवताल क्षेत्र में यह दुर्लभ मशरूम मिला है। यह प्रजाति आमतौर पर उत्तरी अमेरिका और एशिया के सीमित हिस्सों में ही पाई जाती है, ऐसे में मध्य भारत में इसकी मौजूदगी ने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है—और यहीं से इसकी अहमियत बढ़ जाती है।


जैव विविधता का मजबूत संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मशरूम का मिलना इस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु की समृद्धि को दर्शाता है। यह फंगस पेड़ों के अपघटन में अहम भूमिका निभाता है और मिट्टी को जरूरी पोषक तत्व वापस पहुंचाता है। यानी यह सिर्फ एक खोज नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम की सेहत का संकेत है—जो आगे और रिसर्च की मांग करता है।


ओक जैसे पेड़ों से खास संबंध

वनस्पति विशेषज्ञ बताते हैं कि यह मशरूम आमतौर पर पुराने ओक या कठोर लकड़ी वाले पेड़ों की जड़ों और ठूंठ पर उगता है। शुरुआत में यह पेड़ में “बट रॉट” नाम की स्थिति पैदा करता है, लेकिन पेड़ के खत्म होने के बाद भी यह वहीं विकसित होता रहता है। इससे प्राकृतिक चक्र में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।


100 सेंटीमीटर तक फैल सकता है आकार

इस मशरूम की सबसे खास बात इसका विशाल आकार है। पर्यावरणविद् माधव नामदेव के मुताबिक, इसका फैलाव 50 से 100 सेंटीमीटर तक हो सकता है। यह पंखुड़ियों जैसे गुच्छों में उगता है और इसका रंग क्रीम से हल्का भूरा होता है। ऊपर की सतह पर बने गोल छल्ले इसे बाकी मशरूम से अलग पहचान देते हैं—जो इसे और आकर्षक बनाते हैं।


खाने योग्य, लेकिन जोखिम भी बड़ा

स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार यह मशरूम खाने योग्य तो है, लेकिन सिर्फ तब जब यह छोटा और ताजा हो। इसका स्वाद हल्का नटी (अखरोट जैसा) होता है। जैसे-जैसे यह बड़ा होता है, यह सख्त और कड़वा हो जाता है, जिससे पाचन में दिक्कत हो सकती है। सबसे बड़ा खतरा यह है कि कई जहरीले मशरूम दिखने में ऐसे ही होते हैं—जो जानलेवा भी हो सकते हैं।


विशेषज्ञों की चेतावनी: बिना जानकारी न छुएं

विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि किसी भी जंगली मशरूम को बिना पहचान के खाना खतरनाक हो सकता है। यह खोज जितनी रोमांचक है, उतनी ही सावधानी की भी मांग करती है। क्योंकि प्रकृति के ये अनोखे उपहार कभी-कभी खतरा भी बन सकते हैं—और यही इस कहानी का सबसे अहम संदेश है।

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