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जबलपुर में एसएएफ टीए बिल घोटाला: साढ़े 3 करोड़ की हेराफेरी, रांझी थाने में ASI समेत दो पर FIR

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जबलपुर में एसएएफ टीए बिल घोटाला: साढ़े 3 करोड़ की हेराफेरी, रांझी थाने में ASI समेत दो पर FIR

जबलपुर में एसएएफ टीए बिल घोटाला: साढ़े 3 करोड़ की हेराफेरी, रांझी थाने में ASI समेत दो पर FIR

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रिपोर्ट : रोहित नईयर 

जबलपुर। सरकारी खजाने में सेंध लगाने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थित एसएएफ की छठवीं बटालियन से जुड़ा यह मामला न सिर्फ रकम के लिहाज से बड़ा है, बल्कि तरीके भी उतने ही हैरान करने वाले हैं। यात्रा भत्ता यानी टीए बिलों में फर्जीवाड़ा कर साढ़े तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निकाल ली गई। अब इस मामले में रांझी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई और एक आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।


क्या है पूरा मामला?

रांझी थाना क्षेत्र स्थित एसएएफ की छठवीं बटालियन में पदस्थ एएसआई सत्यम शर्मा और आरक्षक अभिषेक झारिया पर आरोप है कि उन्होंने यात्रा भत्ता और मेडिकल बिलों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया। जांच में सामने आया कि एक ही अवधि के बिल कई बार पास कराए गए और दोहरा भुगतान ट्रांसफर कराया गया।


जांच में कैसे खुला घोटाला

स्टेट फाइनेंस इंटेलीजेंस सेल (SFIC) की जांच के दौरान इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। पोर्टल पर अपलोड किए गए कई बिल ब्लैक एंड व्हाइट कॉपी में थे, जिनमें न तो तारीख दर्ज थी और न ही आवक-जावक क्रमांक। यही नहीं, अधिकारियों से धोखे से ओटीपी हासिल कर फर्जी बिल पास कराए गए।


कब से कब तक चला फर्जीवाड़ा?

पुलिस जांच में पता चला है कि यह घोटाला 1 जनवरी 2022 से 12 नवंबर 2025 के बीच अंजाम दिया गया। यानी करीब तीन साल तक लगातार सरकारी सिस्टम का गलत इस्तेमाल होता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।


किन-किन खातों में पहुंची रकम?

पुलिस के अनुसार, अभिषेक झारिया ने खुद के नाम से करीब 60.19 लाख रुपये हासिल किए। इसके अलावा अन्य जवानों के खातों में भी लाखों रुपये ट्रांसफर हुए।


नीतेश पटेल – 30.62 लाख


नीतेश धुर्वे – 28.70 लाख


हवलदार देवेंद्र कुमार – 27.92 लाख


राहुल साहू – 33.19 लाख


आस्तिक शुक्ला – 24.88 लाख


देवेंद्र सिंह – 20.36 लाख


राकेश जोशी – 17.24 लाख


गुलशन सिंह – 14.98 लाख


जितेंद्र झारिया – 13.93 लाख


सुनील विश्वकर्मा – 12.70 लाख


विशाल कुमार – 11.65 लाख रुपये


निलंबन और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसआई सत्यम शर्मा और आरक्षक अभिषेक झारिया को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में एक दर्जन से ज्यादा अन्य जवानों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिनकी जांच जारी है।

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