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झाबुआ में शर्मनाक घटना: महिला को पीटकर बाल मुंडाए, पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घुमाया, 10 आरोपी नामजद

15 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
झाबुआ में शर्मनाक घटना: महिला को पीटकर बाल मुंडाए, पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घुमाया, 10 आरोपी नामजद
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। एक महिला को उसके निजी फैसले की ऐसी सजा दी गई, जिसे सुनकर ही रूह कांप उठे। मामला सामने आते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।


प्रेम संबंध बना ‘सजा’ की वजह

जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय महिला अपनी शादीशुदा जिंदगी में लगातार प्रताड़ना झेल रही थी। 12 साल पहले हुई शादी के बाद भी उसे मानसिक और शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ रहा था। आखिरकार तंग आकर वह अपने प्रेमी के साथ रहने चली गई—लेकिन यही फैसला उसके लिए खतरनाक साबित हुआ।


पंचायत के नाम पर भीड़ का फैसला

महिला के इस कदम से नाराज ग्रामीणों ने बैठक बुलाई और उसे जबरन पति के पास लौटने का दबाव बनाया। जब महिला वापस आई, तो कथित समाज के लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया—जिसकी क्रूरता यहीं से शुरू होती है।


सार्वजनिक अपमान की सारी हदें पार

भीड़ ने महिला के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसके कपड़े फाड़कर और बाल मुंडवाकर उसे अपमानित किया। इतना ही नहीं, महिला के कंधे पर उसके पति को बैठाकर पूरे गांव में घुमाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और बढ़ गया है।


पुलिस एक्शन में, 10 आरोपियों पर केस

यह मामला झाबुआ जिले के काकनवानी थाना क्षेत्र के बालवासा गांव का बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले में 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।


“किसी को नहीं बख्शेंगे” – पुलिस का सख्त रुख

जांच कर रही पुलिस टीम का कहना है कि यह घटना 12 अप्रैल की रात की है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि महिला सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। इस मामले में सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिससे आरोपियों को कड़ी सजा मिल सके।


महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में मौजूद कुरीतियों की गंभीर तस्वीर भी दिखाती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाओं के अधिकार और स्वतंत्रता पर सवाल खड़े होते हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में न्याय कितनी तेजी और सख्ती से मिलता है।

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