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कान्हा में 8 जंगली भैंसों का पुनर्वास, CM मोहन यादव ने सराहा

12 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
कान्हा में 8 जंगली भैंसों का पुनर्वास, CM मोहन यादव ने सराहा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश का कान्हा टाइगर रिजर्व वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के लिए खास पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां बाघ, तेंदुए और बारहसिंगा सहित विभिन्न वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कान्हा में 6 मादा और 2 नर समेत कुल 8 जंगली भैंसों को बसाया गया है।


मुख्यमंत्री ने नागरिकों से कान्हा पहुंचकर प्राकृतिक विरासत को करीब से देखने की अपील की। उन्होंने बारहसिंगा के संरक्षण और पुनर्वास को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा में योगदान देने वालों को बधाई दी।


बारहसिंगा के संरक्षण में कान्हा की अहम भूमिका

कान्हा में बारहसिंगा के संरक्षण और पुनर्वास के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रजाति को यहां नया जीवन मिला है। कभी विलुप्ति के खतरे का सामना कर रहे बारहसिंगा अब यहां के प्राकृतिक वातावरण में फल-फूल रहे हैं।


टाइगर रिजर्व की पहचान बाघों के साथ-साथ तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के लिए भी है। यहां की जैव विविधता प्रदेश की प्राकृतिक संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


कान्हा में जंगली भैंसों को बसाने की पहल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जंगली भैंसों के पुनर्वास के प्रयासों का उल्लेख करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सहयोग की जानकारी दी।


इस पहल के तहत कान्हा में कुल 8 जंगली भैंसें लाई गई हैं। इनमें 6 मादा और 2 नर शामिल हैं। यह पहल वन्यजीव संरक्षण और उनके पुनर्वास से जुड़े प्रयासों का हिस्सा है।


चीता परियोजना का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही चीता परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना आगे बढ़ रही है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के विभिन्न प्रयासों को देश की प्राकृतिक विरासत को समृद्ध बनाने वाला बताया।


कान्हा में वन्यजीवों के संरक्षण के साथ अन्य प्रजातियों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बाघ, तेंदुए, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों का उल्लेख किया।


नागरिकों से कान्हा घूमने की अपील

मुख्यमंत्री ने लोगों से कान्हा आने और प्रकृति को नजदीक से अनुभव करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखना प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है।


उन्होंने वन्यजीवों की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई भी दी।

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