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कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर भाजपा प्रवक्ता का पलटवार, दुर्गेश केसवानी बोले—‘सनातन की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’

27 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर भाजपा प्रवक्ता का पलटवार, दुर्गेश केसवानी बोले—‘सनातन की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। कांवड़ यात्रा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान पर भाजपा प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केसवानी ने दिग्विजय सिंह पर सनातन धर्म और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।


दरअसल, दिग्विजय सिंह भोपाल में शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार युवाओं को कांवड़ यात्रा में ले जाना चाहती है, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं देना चाहती। उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर कहा था, “कांवड़ यात्रा में क्या-क्या होता है? मुझे कहने की जरूरत नहीं है।”


‘सनातन की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’

दिग्विजय सिंह के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कहा कि यह सनातन धर्म की उदारता है, जो बार-बार दिग्विजय सिंह के विवादित बयानों को माफ करता आया है। उन्होंने कहा कि अब सनातन की सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए।


केसवानी ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह को भगवान में भी आतंकवाद दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को अपने उन बयानों का जवाब देना चाहिए, जिनसे करोड़ों सनातनियों की आस्था आहत हुई है।


‘कांवड़ियों की भावनाओं पर सीधा प्रहार’

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भगवान शिव के भक्त कांवड़ियों के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं पर सीधा प्रहार है। उन्होंने दिग्विजय सिंह से इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।


केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह को दूसरों की आस्था पर टिप्पणी करने के बजाय भगवान श्रीराम और भगवान शिव की शरण में जाकर आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष वर्ग को खुश करने की राजनीति के लिए सनातन धर्म और उसके देवी-देवताओं को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।


‘सनातन न कभी खत्म हुआ, न होगा’

अपने बयान में केसवानी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन धर्म को मिटाने की कोशिशें पहले भी हुई हैं। आक्रमणकारी आए, सत्ता बदली और साम्राज्य मिट गए, लेकिन सनातन की परंपरा और आस्था आज भी कायम है।


उन्होंने दिग्विजय सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि सनातन उनके राजनीतिक बयानों से न तो शुरू हुआ है और न ही उनके बयानों से खत्म होगा। केसवानी ने कहा, “दिग्विजय सिंह आज हैं, कल नहीं होंगे, लेकिन सनातन था, सनातन है और सनातन आगे भी रहेगा।”

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