
भोपाल। सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को निर्माणाधीन 10 लेन करोंद बायपास परियोजना का एनएचएआई, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, मेट्रो कॉरपोरेशन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने निर्माण कार्य की प्रगति, यातायात व्यवस्था, जनसुविधाओं एवं निर्माण कार्य के दौरान उत्पन्न हो रही समस्याओं का मौके पर जायजा लेकर संबंधित आधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
अस्थायी रूप से टैंकरों के माध्यम से पानी की करें व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही के कारण पानी लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण नागरिकों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसका तत्काल व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मंत्री सारंग ने आगे कहा कि जहां भी पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां तत्काल अस्थायी रूप से टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अव्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को लगाई फटकार
मंत्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में सामने आ रही व्यवस्थागत कमियों एवं अव्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।मंत्री सारंग ने कहा कि करोंद बायपास परियोजना शहर के यातायात को सुगम बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य के कारण नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों ना उठानी पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात, आवागमन एवं दैनिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें।
पानी एवं सीवेज लाइनों को व्यवस्थित रूप से करें शिफ्ट
मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण एजेंसियां खुदाई कार्य प्रारंभ करने से पहले पानी एवं सीवेज लाइनों को व्यवस्थित रूप से शिफ्ट करें, जिससे भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य पूरी योजना एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि परियोजना समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो सके।
ठेकेदार से लिया जाएगा आर्थिक मुआवजा
मंत्री सारंग ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही से पाइपलाइन टूटने की वजह से हुए नुकसान की भरपाई हेतु आर्थिक मुआवजा भी वसूला जाएगा। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो तथा निर्माण कार्य के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए।निरीक्षण के दौरान एनएचएआई, जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन एवं मेट्रो कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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