
भोपाल के रविंद्र भवन में सोमवार को आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस के 101 अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘केएफ रुस्तमजी पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह सम्मान साल 2019-20 और 2021-22 के दौरान उत्कृष्ट सेवा, वीरता और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को दिया गया। समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाना भी मौजूद रहे।
पुलिस जवानों के आवास पर CM का बड़ा बयान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस जवानों के आवास को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में पुलिसकर्मी पात्र हैं और आवास लेना चाहते हैं, वहां हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरणों से चर्चा कर पुलिस जवानों को घर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। सीएम ने कहा कि जवानों की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में गंभीरता से काम होगा।
2013 से शुरू हुआ रुस्तमजी पुरस्कार
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि केएफ रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत 2013 में की गई थी। अब तक कुल 418 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। यह पुरस्कार दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियान, दंगा नियंत्रण, कानून व्यवस्था और बहादुरी के प्रदर्शन के लिए दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 2019-20 और 2021-22 के लंबित पुरस्कार वितरित किए गए हैं।
तीन श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार
समारोह में पुरस्कार तीन अलग-अलग श्रेणियों में दिए गए। परम विशिष्ट श्रेणी में चयनित अधिकारियों को 5 लाख रुपए या हथियार दिया गया। इस श्रेणी में 7 अधिकारी सम्मानित हुए। अति विशिष्ट श्रेणी में 2 लाख रुपए या हथियार प्रदान किया गया, जिसमें 8 पुरस्कार दिए गए। वहीं विशिष्ट श्रेणी के तहत 86 अधिकारियों को 50 हजार रुपए की सम्मान राशि दी गई।
‘रिटायरमेंट के बाद नहीं, सेवा के दौरान मिले सम्मान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब कोशिश करेगी कि पुरस्कार हर साल समय पर दिए जाएं ताकि कोई लंबित न रहे। उन्होंने माना कि कुछ अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद सम्मान मिला, जिससे उनके मन में यह भावना रह सकती है कि सम्मान सेवा के दौरान मिलना चाहिए था। सीएम ने कहा कि समय पर सम्मान मिलने से जवानों का मनोबल और बढ़ता है।
‘मध्यप्रदेश पुलिस हर चुनौती से निपटने में सक्षम’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने डकैतों और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई कर देशभर में अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं है, लेकिन पुलिस ने हर चुनौती का मजबूती से सामना किया है। सीएम ने यह भी बताया कि अब डीजी स्तर से नीचे के अधिकारियों को दिए जाने वाले पुरस्कारों की सीमा बढ़ा दी गई है। इसके तहत डीजी अब 25 हजार की जगह 50 हजार रुपए तक का पुरस्कार दे सकेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग में नवाचार और सुधार के लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी।
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