
रिपोर्ट: जगदीश परमार
उज्जैन में खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर चल रही मांग के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रतिमा को सुरक्षित रखने और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।
उमा भारती ने पत्र में इस मामले को आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए भोपाल की एक मस्जिद का भी हवाला दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की है।
प्रतिमा को सुरक्षित रखने की मांग
उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कहा है कि खड़े हनुमान जी के मामले में श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने प्रतिमा को सुरक्षित रखते हुए उचित निर्णय लेने का आग्रह किया। उनके पत्र के बाद उज्जैन में खड़े हनुमान जी की प्रतिमा से जुड़ा विषय एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पहले से उठ रही थी यथास्थान रखने की मांग
खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर उज्जैन में पहले से श्रद्धालुओं, व्यापारियों और धार्मिक संगठनों की ओर से मांग की जा रही है। इन संगठनों और श्रद्धालुओं की मांग है कि प्रतिमा को यथास्थान सुरक्षित रखा जाए और इससे जुड़ा निर्णय लेते समय धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखा जाए।
भोपाल की मस्जिद का दिया हवाला
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने पत्र में धार्मिक स्थलों के संरक्षण और उनसे जुड़ी आस्था का सम्मान किए जाने की बात रखते हुए भोपाल की एक मस्जिद का उदाहरण दिया है। उन्होंने इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री से खड़े हनुमान जी के मामले में संवेदनशील रुख अपनाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री से संवेदनशील निर्णय का आग्रह
उमा भारती ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कहा है कि खड़े हनुमान जी की प्रतिमा के मामले में निर्णय लेते समय श्रद्धालुओं की भावनाओं को प्राथमिकता दी जाए। उनकी अपील के बाद अब इस मुद्दे पर आगे होने वाले निर्णय पर नजर रहेगी।
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