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इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में होंगे बड़े बदलाव, गर्भगृह का गेट होगा चौड़ा, भक्तों को मिलेगा सीधा दर्शन

11 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में होंगे बड़े बदलाव, गर्भगृह का गेट होगा चौड़ा, भक्तों को मिलेगा सीधा दर्शन
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़े स्तर पर विकास कार्य शुरू होने जा रहे हैं। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों की सुविधा बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। पहले चरण में करीब ₹10 करोड़ की लागत से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। सबसे बड़ा बदलाव गर्भगृह के प्रवेश द्वार को चौड़ा करने का होगा, ताकि श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सहज और सुगम दर्शन मिल सकें।


गर्भगृह का गेट होगा चौड़ा, मंडप भी बदलेगा

मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह के दरवाजों पर लगी करीब 150 किलोग्राम चांदी को सुरक्षित हटाकर संरक्षित रखा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे नए स्वरूप में फिर से स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा गर्भगृह के सामने बने मंडप की ऊंचाई कम की जाएगी, जिससे पीछे खड़े श्रद्धालुओं को भी भगवान गणेश के सीधे दर्शन हो सकेंगे।


एसजीएसआईटीएस की रिपोर्ट के आधार पर होगा विकास

मंदिर में होने वाले सभी बदलाव एसजीएसआईटीएस द्वारा तैयार तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर किए जाएंगे। रिपोर्ट में श्रद्धालुओं की संख्या, आवागमन और दर्शन व्यवस्था का अध्ययन कर आवश्यक सुधारों का सुझाव दिया गया है। मास्टर प्लान जिला प्रशासन और नगर निगम की निगरानी में तैयार किया गया है।


निर्माण के दौरान भी नहीं रुकेगी दर्शन व्यवस्था

विकास कार्य शुरू होने से पहले गर्भगृह के आसपास पारदर्शी प्लास्टिक शीट लगाई गई है, ताकि निर्माण के दौरान धूल अंदर न पहुंचे और श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन मिलते रहें। मंदिर प्रशासन का कहना है कि पूरे निर्माण कार्य के दौरान दर्शन व्यवस्था सामान्य रखने की कोशिश की जाएगी।


नए वाहनों के पूजन के लिए बनेगी अलग व्यवस्था

खजराना गणेश मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में लोग नई गाड़ियों का पूजन कराने पहुंचते हैं। अभी यह व्यवस्था पार्किंग क्षेत्र में होती है, लेकिन मास्टर प्लान के तहत इसके लिए अलग स्थान विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रसाद की दुकानों के ऊपर स्थायी शेड भी लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और दुकानदारों दोनों को सुविधा मिलेगी।


श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने पर फोकस

मंदिर प्रबंधन का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। प्रस्तावित बदलावों के बाद त्योहारों, गणेश उत्सव और बुधवार को आने वाली भारी भीड़ को भी बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।

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