
पटना के चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर शनिवार को सिविल कोर्ट पहुंचे हैं। उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में केस दर्ज है। इस घटनाक्रम ने बिहार की शिक्षा और राजनीति दोनों गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इधर पुलिस की लगातार कार्रवाई और उधर छात्रों का समर्थन, पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ले आया है।
24 घंटे तक तलाशती रही पुलिस
जानकारी के अनुसार पटना पुलिस की 5 गाड़ियां अलग-अलग समय पर खान सर की कोचिंग पहुंचीं। पुलिस ने परिसर और आसपास के इलाकों में भी निगरानी रखी, लेकिन 24 घंटे बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में छात्र रातभर कोचिंग के बाहर मौजूद रहे। पुलिस बार-बार लाउडस्पीकर से छात्रों से घर लौटने की अपील करती रही, लेकिन छात्र वहां से हटने को तैयार नहीं हुए।
कोचिंग के अंदर होने की चर्चा
खान सर को जानने वाले कुछ लोगों का दावा था कि वे कोचिंग परिसर के अंदर ही मौजूद हैं। वहीं कुछ अन्य लोगों ने कहा कि वे वहां नहीं हैं। इसी बीच छात्रों को भेजे गए एक संदेश में लिखा गया कि "आज भी सर की क्लास होगी", जिसके बाद अटकलें और तेज हो गईं।
बॉडीगार्ड्स के बयान के आधार पर दर्ज हुआ केस
पुलिस के अनुसार खान सर के सुरक्षा कर्मियों ने बयान दिया कि उन्हें कथित तौर पर कहा गया था, "तुम गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे।" इसी बयान के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ BNS की धारा 109 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छात्रों से पुलिस की अपील
शुक्रवार को कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक भी हुई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे में न आएं और शांति बनाए रखें। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
2 जून की घटना से शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत 2 जून को हुई, जब पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हमला हुआ था। घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा फायरिंग किए जाने का वीडियो भी सामने आया था। पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं खान सर से भी पूछताछ की जा चुकी है।
पहले पुलिस की तारीफ, अब कार्रवाई पर सवाल
हमले के तुरंत बाद खान सर ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की थी। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस नहीं पहुंची थी, तब तक उनके गार्ड्स ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। उनके मुताबिक गार्ड्स का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
छात्रों के सामने रखी अपनी बात
इस बीच खान सर का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे छात्रों को घटना से जुड़ी जानकारी देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनके एक गार्ड के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई और मामले के कुछ पहलुओं पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने छात्रों को सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए।
फीस को लेकर भी दिया बड़ा बयान
वीडियो में खान सर ने कहा कि यदि उनका संस्थान बंद हो गया तो आने वाले महीनों में कई कोचिंग संस्थानों की फीस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं बल्कि कम खर्च में छात्रों को शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है।
अब आगे क्या?
खान सर के कोर्ट पहुंचने के बाद पूरे मामले की निगाहें न्यायिक प्रक्रिया पर टिक गई हैं। पुलिस जांच जारी है और अदालत में होने वाली कार्यवाही आगे की दिशा तय करेगी। वहीं दूसरी ओर छात्रों का समर्थन, कोचिंग विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को बिहार के सबसे चर्चित घटनाक्रमों में शामिल कर दिया है।
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