
रिपोर्ट: अतुल जैन
खनियाधाना। कुल्हाड़ी और लाठियों से मारपीट करने के मामले में खनियाधाना न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास और 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, न्यायालय ने अन्य धाराओं में भी आरोपियों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना बामौरकलां में दर्ज अपराध क्रमांक 192/2021 के मामले में ग्राम ऐरावनी निवासी मोहन कुशवाह (60), उसके पुत्र सुनील कुशवाह (28) और सुंदर कुशवाह (22) को दोषी पाया गया है।
पुरानी रंजिश में कुल्हाड़ी और लाठियों से किया हमला
अभियोजन के अनुसार, फरियादी नंदराम कुशवाह ने पुलिस को बताया था कि वह रात करीब 9:30 बजे मंदिर में देवी मां की झांकी के दर्शन कर घर लौट रहा था। इसी दौरान अंकित तिवारी के घर के सामने पुरानी रंजिश को लेकर मोहन, सुनील और सुंदर ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर सुंदर ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार कर दिया, जबकि मोहन और सुनील ने लाठियों से हमला किया।
शोर सुनकर फरियादी का भाई आकाश और मां कमलाबाई बचाने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना में तीनों को चोटें आईं। मौके पर पहुंचे लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। आरोपियों ने जाते समय दोबारा मिलने पर जान से खत्म करने की धमकी भी दी।
विचारण के बाद न्यायालय ने सुनाई सजा
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 325/34 के तहत 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास और 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके साथ ही धारा 323/34 के तहत 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई।
शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कल्याण सिंह ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपियों को दंडित किया।
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