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खनियाधाना में गैस संकट: महीनेभर बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर, OTP फ्रॉड और ब्लैक मार्केटिंग के आरोप से मचा हड़कंप

17 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
खनियाधाना में गैस संकट: महीनेभर बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर, OTP फ्रॉड और ब्लैक मार्केटिंग के आरोप से मचा हड़कंप
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रिपोर्ट: अतुल जैन

खनियाधाना। मध्य प्रदेश के खनियाधाना में गैस सिलेंडर को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लोग बुकिंग के 20-30 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान हैं। अब इस पूरे मामले में धोखाधड़ी और ब्लैक मार्केटिंग के आरोप भी सामने आ रहे हैं।


महीनेभर बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

खनियाधाना में स्थित एकमात्र गैस एजेंसी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी उन्हें एक महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसी पर जाने पर कभी देर रात तो कभी सुबह तड़के आने को कहा जाता है—लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।


OTP लेकर धोखाधड़ी के आरोप

कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि एजेंसी के कर्मचारी फोन कर OTP मांगते हैं और तुरंत सिलेंडर देने का भरोसा देते हैं। लेकिन OTP देने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता, उल्टा फिर से कैश में पैसे मांगने की बात कही जाती है। विरोध करने पर ग्राहकों से अभद्र व्यवहार तक किया जा रहा है।


ब्लैक मार्केटिंग की भी शिकायत

कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि उन्हें खुलेआम कहा गया कि अगर ₹2000 दें, तभी सिलेंडर मिलेगा। इससे इलाके में ब्लैक मार्केटिंग की आशंका और गहरा गई है—जो आम लोगों के गुस्से को और बढ़ा रही है।


किताबें फेंकने तक का आरोप

स्थिति इतनी खराब बताई जा रही है कि एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं की कनेक्शन किताबें तक बाहर फेंक दी गईं। अगर ये किताबें खो जाएं या चोरी हो जाएं, तो उपभोक्ता के लिए सिलेंडर पाना लगभग असंभव हो सकता है—जो लापरवाही की गंभीर तस्वीर दिखाता है।


उपभोक्ताओं की आपबीती

स्थानीय लोगों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि, 20-25 दिन से बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। OTP देने के बाद भी दोबारा पैसे मांगे गए। कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला। इन अनुभवों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


प्रशासन पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता यह है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप नजर आ रहे हैं। हालांकि ममता शाक्य ने कहा है कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी—लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं दिखा है।


क्या मिलेगा जल्द समाधान?

लगातार बढ़ती शिकायतों और वायरल हो रहे मामलों के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर है। अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है—और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जाएंगी।

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